चुनाव से पहले जनता की शिकायतों पर गंभीर हुए योगी आदित्यनाथ, अधिकारियों से मांगी एक्शन रिपोर्ट

सीएम ने कहा कि थाना दिवस और तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों में अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने होंगे। एक ही शिकायत अगर दोबारा आती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

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गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में आए लोगों की समस्याओं को सुनते सीएम योगी आदित्यनाथ। (फोटो- ट्विटर हैंडल Yogi Adityanath Office )

लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अफसरों को चेताया है कि उनकी जांच में जो भी लापरवाह मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक कर उनसे शिकायतों पर हुई कार्रवाई का स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण किया जाना हमारी टॉप प्रायरिटी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

सीएम ने कहा कि थाना दिवस और तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों में अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने होंगे। एक ही शिकायत अगर दोबारा आती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जिलेवार रिपोर्ट तलब की है। दरअसल सरकार के पास कई ऐसी सूचनाएं पहुंची हैं, जिसमें बताया गया है कि शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसको गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस मामले में उच्चाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर जांच-पड़ताल करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे जनशिकायतों पर तत्परता से काम करें। सभी लोगों की शिकायतें बिना भेदभाव के सुनी जाएं। आम जनता का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए। इसके साथ ही जनता दरबार में आने वाली शिकायतें और एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के माध्यम से भेजी गईं शिकायतों पर भी हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है।

अब तक सीएम योगी आदित्यनाथ के साढ़े चार साल के कार्यकाल में आईजीआरएस पर एसएसपी और एसपी से जुड़ीं कुल 18,46,968 शिकायतें आईं, जिसमें से 18,21,033 का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अलावा 22,45,282 शिकायतें तहसील दिवस से संबंधित हैं, जिनमें 22,16,017 निस्तारित की जा चुकी हैं।

सबसे ज्यादा शिकायतें स्थानीय स्तर पर भूमि विवाद और उत्पीड़न की ही रहती हैं। ऐसे मामलों में थाना और तहसील स्तर से कार्रवाई होनी चाहिए। आम लोगों की शिकायत है कि कई जगह कर्मचारी काम करने के लिए रिश्वत मांगते हैं, नहीं देने पर उत्पीड़न करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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