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Bharat Ratna पर योग गुरु रामदेव ने दिया यह बयान, सोशल मीडिया पर मिल रहे ऐसे रिएक्शन

योग गुरु रामदेव ने भी भारत रत्न को लेकर टिप्पणी की है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी खिंचाई हो रही है। लोगों ने यहां तक कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं।

योग गुरु बाबा रामदेव। (एक्सप्रेस फोटोः प्रेमनाथ पांडे)

भारत रत्न की घोषणा होने के बाद से राजनीति का दौर शुरू हो चुका है। कोई आरएसएस में जाने की बात कहकर निशाना साध रहा है तो कोई दूसरे नाम पर विचार करने की बात कह रहा है। इसी कड़ी में योग गुरु रामदेव ने भी बयान जारी किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनके बयान का मजाक उड़ाया जा रहा है।

यह कहा रामदेव ने : योगगुरु रामदेव ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य है कि 70 साल में एक भी संन्यासी को भारत रत्न नहीं मिला। महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद जी या शिवकुमार स्वामी जी। मैं भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि अगली बार कम से कम किसी संन्यासी को भी भारत रत्न दिया जाए।’’

सोशल मीडिया पर आ रहे ऐसे रिएक्शन : रामदेव के बयान के बाद सोशल मीडिया पर पलटवार का दौर शुरू हो गया है। लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए लिखा, ‘‘आपको तो पद्म पुरस्कार दे रहे थे, लेकिन आपने लिया ही नहीं। क्या सीधे भारत रत्न चाहिए?’’ वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘अप्रत्यक्ष रूप से अपना नाम प्रस्तावित कराने के लिए स्वामी विवेकानंद के कंधे का सहारा ले रहे रामदेव।’’ इस दौरान लोगों ने 4 साल पहले पद्म पुरस्कार लौटाने की खबरें भी शेयर कीं और लिखा कि बाबाजी आपसे गलती हो गई।

लगातार हो रहा विरोध : भारत रत्न को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। कर्नाटक कांग्रेस ने शिवकुमार स्वामी का नाम इस सम्मान के लिए प्रस्तावित नहीं करने पर विरोध जताया। वहीं, जेडीए विधायक दानिश खान ने यहां तक कह दिया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को यह सम्मान सिर्फ इसलिए मिल रहा, क्योंकि उन्होंने आरएसएस के हेडक्वॉर्टर में डॉ. हेडगेवार को भारत का सपूत कहा था। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट किया था, ‘‘संघ की शाखा में जाओ, भारत का रत्न बन जाओ।’’

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