उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट की परत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गयी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार को नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल के अंदर कंक्रीट की परत का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद अन्य मजदूरों ने काम रोक दिया।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान झारखंड निवासी नरेश गंझू (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद साथी मजदूरों ने गंझू के परिजन को उचित मुआवजा दिए जाने और सिलक्यारा टनल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की मांग करते हुए काम रोक दिया।
कंक्रीट की परत का एक हिस्सा टूटकर गिरने से मजदूर की मौत
उत्तरकाशी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के हवाले से बताया कि हादसा रात करीब दो बजे सुरंग के बड़कोट सिरे से 900 मीटर अंदर हुआ। इस दौरान वहां लगाई जा रही कंक्रीट की परत का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया और वेल्डर का काम करने वाला गंझू उसकी चपेट में आ गया। जानकारी के मुताबिक, हादसे में गंभीर रूप से घायल गंझू को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से मृतक के परिजन को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम पोस्टमार्टम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को फिलहाल निकटवर्ती नौगांव अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। वहीं, साथी की मौत से आक्रोशित मजदूरों ने निर्माण कार्य बंद कर कंपनी के कैंप कार्यालय के आगे डेरा डाल दिया।
श्रमिकों ने उठाई सुरंग के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग
मजदूर दीप रंजन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी मांग है कि मृतक के परिजन को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए और सुरंग के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो। एक अन्य मजदूर अवधेश कुमार ने कहा कि जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और सुरंग के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक काम बंद रखा जाएगा। उसने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा किसी भी निर्माण एजेंसी की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर सुरंग का निर्माण कर रही नवयुग कंपनी के महाप्रबंधक रविकांत सिंह ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन फिर भी अगर कहीं कोई कमी रह गई है तो उसकी समीक्षा कर तत्काल सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन को नियमानुसार हरसंभव आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाएगा।
नवंबर 2023 में भी सिलक्यारा सुरंग के अंदर हादसा हुआ था
गौरतलब है कि नवंबर 2023 में भी सिलक्यारा सुरंग के अंदर हादसा हुआ था, जब उसका एक हिस्सा धंसने से 41 मजदूर 17 दिन तक अंदर फंसे रहे थे। विभिन्न एजेंसियों की मदद से दिन-रात युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव एवं राहत अभियान के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हालांकि, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि यह हादसा तीन साल पहले हुई घटना जैसा नहीं है। उन्होंने कहा, “इस मामले में मलबा धंसने या मजदूरों के फंसने जैसी कोई स्थिति नहीं है।”
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(इनपुट- पीटीआई/भाषा)
