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ताजमहल के स्वामित्व को लेकर आया सुन्नी वक्फ बोर्ड का बयान

उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि वह ताजमहल के स्वामित्व का दावा नहीं करेगा।

Author नई दिल्ली | April 17, 2018 5:04 PM
आगरा का ताजमहल( फोटो-tajmahal.gov.in)

उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि वह ताजमहल के स्वामित्व का दावा नहीं करेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील ए.डी.एन राव को निर्देश लेने के लिए कहते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर व न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि बोर्ड द्वारा एक बार स्मारक पर अपने अधिकार का दावा करने के बाद इस मुद्दे पर निर्णय करना होगा।
पीठ ने कहा, “आप ने एक बार स्मारक को यदि वक्फ की संपत्ति के रूप में पंजीकृत करा दिया तो आपका बयान कि आप दावा नहीं करेंगे, मदद नहीं करेगा।” अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को करने का निर्देश दिया। इससे पहले की सुनवाई में 11 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने वक्फ बोर्ड से मुगल शासक शाहजहां के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज अपने दावे के समर्थन में पेश करने को कहा था।

आपको बता दें कि इससे पहले भी ताजमहल को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन का बयान आया था। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डब्ल्यू. रिजवी ने कहा था कि एक-दो मुगलों को छोड़कर सभी अय्याश थे, उन्हें मुसलमान अपना आदर्श ना मानें। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रिजवी ने कहा था, ‘ताजमहल प्यार का प्रतीक हो सकता है, लेकिन पूजा का नहीं। एक-दो को छोड़कर बाकी सभी मुगल अय्याश थे। मुसलमान उन्हें अपना आदर्श ना मानें।’ बता दें, उत्तर प्रदेश के विधायक संगीत सोम ने सोमवार को कहा था कि ताजमहल भारतीय संस्कृति पर ‘धब्बा’ है। साथ ही कहा था कि यह गद्दारों ने बनाया था, इसे इतिहास में दर्ज नहीं होना चाहिए। इसलिए हम लोग इतिहास बदल रहे हैं। इसके बाद संगीत सोम के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था।

रिजवी ने साथ ही कहा था, ‘राम की मूर्ति का विरोध होना बहुत ही दुखदायी है। यह एक बहुत अच्छा कदम है, अयोध्या हिंदू विरासत का केंद्र है। जब मायावती ने खुद की मूर्ति बनाई थी, तब किसी ने विरोध नहीं किया था। समझ में नहीं आ रहा कि राम की मूर्ति को लेकर इतना विवाद क्यों है?’ बता दें, उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक प्रपोजल भेजा है, जिसमें उन्होंने अयोध्या में प्रस्तावित भगवान राम की 100 मीटर ऊंची मूर्ति के लिए 10 चांदी के तीर भेंट करने की बात कही है। बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि कुछ शिया मुसलमानों ने वक्फ बोर्ड के जरिए चांदी के तीर गिफ्ट करने का सुझाव दिया है।

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