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यूपी विधानसभा में महिलाओं का प्रदर्शन बेहतर, सबसे ज्यादा भाजपा प्रत्याशी रही विजयी

चुनाव आयोग के रिकार्ड देखें तो पता चलता है कि 1985 में 31 महिलाएं चुनाव जीती थीं लेकिन 1989 में आंकड़ा घटकर 18 रह गया। यह आंकड़ा 1991 में घटकर 10 पर जा पहुंचा।

Author March 15, 2017 17:34 pm
यूपी विधान सभा चुनाव के दौरान मतदान की लाइन में लगे वोटर।(photo source – Indian express)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस बार के चुनाव में महिलाओं का बेहतर प्रतिनिधित्व है और 40 महिला प्रत्याशी विजयी रहीं, जिनमें से सबसे अधिक 35 भाजपा और उसके सहयोगी दल की हैं। विधानसभा की 403 सीटों के लिए राजनीतिक दलों ने 96 महिला प्रत्याशी मैदान में उतारे। भाजपा ने सबसे अधिक 43 महिलाओं को टिकट दिया। भाजपा और सहयोगी अपना दल की सबसे अधिक 35 महिलाएं चुनाव जीती हैं। बसपा और कांग्रेस से दो….दो तथा सपा से एक महिला प्रत्याशी विजयी रहीं।

चुनाव आयोग के रिकार्ड देखें तो पता चलता है कि 1985 में 31 महिलाएं चुनाव जीती थीं लेकिन 1989 में आंकड़ा घटकर 18 रह गया। यह आंकड़ा 1991 में घटकर 10 पर जा पहुंचा। वर्ष 1993 में 14 महिलाएं चुनाव जीतीं, जबकि 1996 में 20 और 2002 में 26 महिलाओं ने चुनाव जीता। बात 2007 की करें तो महिलाओं की संख्या घटकर तीन रह गयी। हालांकि एक महिला :मायावती: नेता सदन थीं। वर्ष 2012 में 35 महिलाएं चुनाव में विजयी रहीं।

बसपा ने इस बार केवल 20 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया, जबकि 2012 में इसने 33 महिलाओं को टिकट दिये थे। सपा ने 22 और कांग्रेस ने 11 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया। सपा ने 2012 में 34 महिलाओं को टिकट दिये थे, जिनमें से 22 जीत गयी थीं। इस बार चुनाव जीतने वाली खास महिलाओं में अमेठी से गरिमा सिंह, सरोजिनीनगर से स्वाति सिंह, लखनउच्च् कैण्ट से रीता बहुगुणा जोशी, बाह से रानी पक्षालिका सिंह :सभी भाजपा: तथा कांग्रेस की आराधना मिश्र ‘मोना’ :रामपुर खास: और अदिति सिंह :रायबरेली: शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में भाजपा ने बहुमत के साथ जीत दर्ज की, वहीं मणिुपर और गोवा में भी भाजपा की गठबंधन सरकार बनने के आसार हैं। हालांकि पंजाब में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया। इन चुनावों में यूपी में भाजपा को मिले वोट शेयर से लेकर उम्मीदवारों की उम्र और वोट मार्जिन तक कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा का वोट शेयर लगभग ढाई गुना बढ़ा दिया है, साथ ही पांच साल में कांग्रेस के वोटर्स 50 फीसदी घट गए हैं।

2012 के विधानसभा चुनाव में यूपी में भाजपा का वोट शेयर 15 फीसदी और कांग्रेस का 12 फीसदी रहा था, वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 40 फीसदी और कांग्रेस का घटकर 6 फीसदी रह गया। हालांकि पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो भाजपा का सबसे ज्यादा वोट शेयर 2014 के लोकसभा चुनावों में रहा। तब पार्टी का वोट शेयर 42 फीसदी रहा था।

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