देश में महिला आरक्षण को लेकर चर्चा जोरों पर है। लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसको लेकर लोकसभा में बिल भी पेश किया गया था। हालांकि ये बिल पास नहीं हो पाया। इस बीच अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण को लागू कर दिया गया है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया था निर्देश
बार एसोसिएशन चुनाव में महिला आरक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्देश जारी किया था। देश में लखनऊ बार एसोसिएशन महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाली पहली एसोसिएशन बन गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें महिला आरक्षण की मांग की गई थी।
लखनऊ बार एसोसिएशन के 22 पदों पर चुनाव होने वाले हैं। वहीं अब इन 22 पदों में से पर 30 फीसदी पद पर महिला आरक्षण लागू होगा। ऐसे में 22 में से 7 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। लखनऊ बार एसोसिएशन की जूनियर कार्यकारिणी के 6 पदों में से तीन पदों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगे। तो वहीं कोषाध्यक्ष का पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
23 अप्रैल को होगा चुनाव
19 अप्रैल से लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए महिलाएं अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगी। वहीं जो पुरुष प्रत्याशी महिला आरक्षित पदों पर पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं, उन्हें अपना पेपर वापस लेना होगा और अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें दूसरे पद पर नामांकन भरना होगा। पुरुष प्रत्याशियों को उनके नामांकन की फीस वापस कर दी जाएगी। लखनऊ बार एसोसिएशन के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे भी आएंगे।
लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर बिल पेश हुआ था, जो पास नहीं हो पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े जबकि विरोध में 230 वोट पड़े। बिल को पास होने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। विपक्ष ने कहा कि यह महिला आरक्षण कम परिसीमन विधायक अधिक है।
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गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बिल पर चर्चा में हिस्सा लिया और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। उनके निशाने पर मुख्य तौर पर कांग्रेस पार्टी रही। पढ़ें पूरी खबर
