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दिल्ली दंगा: गवाह का बयान- कपिल मिश्रा के लोगों ने जला दिया पंडाल, मैंने लोगों को कहते सुना था

चार्जशीट में एक गवाह के हवाले से कहा गया है कि सीएए विरोधी आंदोलनकारियों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उसने यह सुना था कि कपिल मिश्रा के लोगों ने एक पंडाल को आग के हवाले कर दिया है।

पुलिस की चार्जशीट में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। (file)

उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या के मामले में दाखिल पुलिस की चार्जशीट में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में एक गवाह के हवाले से कहा गया है कि सीएए विरोधी आंदोलनकारियों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उसने यह सुना था कि कपिल मिश्रा के लोगों ने एक पंडाल को आग के हवाले कर दिया है। बयान के मुताबिक गवाह नजम-उल हसन ने कहा कि 24 फरवरी को वह मौके पर उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने कथित घटना को देखा नहीं था। कुछ लोगों को इस बारे में चिल्लाते हुए सुना था।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में हसन को मुख्य गवाह करार दिया है, जिन्हें चांदबाग में प्रोटेस्ट की साजिश के बारे में पूरी जानकारी थी। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 164 गवाहों का जिक्र किया है, जिनमें 76 पुलिसकर्मी और 7 स्थानीय नागरिक शामिल हैं। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हसन के बयान को रिकॉर्ड किया है। क्रिमिनल ट्रायल के दौरान इस बयान को सबूत के तौर पर माना जा सकता है। हसन ने कहा, ‘…पंडाल में कपिल मिश्रा के कुछ लोगों ने आग लगा दी। मैंने यह देखा नहीं, पर लोग ऐसा शोर मचा रहे थे।’ इस संबंध में अब तक कपिल मिश्रा की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है।

हालांकि इससे पहले कपिल मिश्रा ने कहा था कि दिल्ली में हिंसा में भड़काने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उनके किसी आदमी ने कोई पत्थरबाजी नहीं की थी। इसके उलट उन्होंने कहा था कि वह वहां तनाव को खत्म करने के लिए मौजूद थे क्योंकि लोग गुस्से में थे। कपिल मिश्रा ने सफाई देते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारियों की ओर से इलाके की दो अहम सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया था, जिसके चलते लोग बेहद आक्रोशित थे।

दरअसल संशोधित नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनों के खिलाफ 23 फरवरी को कपिल मिश्रा ने एक रैली का आयोजन किया था। माना जाता है कि पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास हुई इस रैली के चलते ही लोग भड़क गए थे और दोनों पक्षों के लोगों के आमने-सामने आने के चलते हिंसा फैल गई थी। जाफराबाद में प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद कपिल मिश्रा ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस को भी चेताया था। यही नहीं बाद में उन्होंने ट्वीट भी किया था कि जब तक ट्रंप भारत में हैं, वह इस इलाके में शांति रहने देंगे, लेकिन उसके बाद वह पुलिस की भी नहीं सुनेंगे।

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