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‘लव जिहाद’: MP में 23 दिन में दर्ज हो गए 23 नए मामले, हिंदू होने का नाटक कर लड़कियों को फंसाने के कई केस

मध्य प्रदेश सरकार ने 9 जनवरी को घर्मांतरण-रोधी अध्यादेश लागू किया था, इसके तहत धमकी, जबरदस्ती या धोखाधड़ी कर विवाह के लिये धर्मांतरण कराने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र भोपाल | Updated: February 12, 2021 8:40 AM
Madhya Pradesh, Love Jihadप्रतीकात्मक तस्वीर।

मध्य प्रदेश में धर्म-परिवर्तन रोधी अध्यादेश के आने के बाद से पिछले 23 दिनों में अब तक 23 मामले दर्ज हो चुके हैं। यानी हर दिन एक केस का औसत। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जनवरी माह में प्रदेश में लागू किये गए नए धर्मांतरण निरोधक अध्यादेश के तहत अब तक 23 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मिश्रा ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ये मामले मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 के तहत दर्ज किए गए।’’

बता दें कि ये अध्यादेश 9 जनवरी को लागू हुए थे। नरोत्तम मिश्रा ने इसके तहत दर्ज हुए केसों का ब्योरा देते हुए बताया कि भोपाल संभाग में सबसे अधिक सात मामले, इसके बाद इंदौर में पांच, जबलपुर और रीवा में चार-चार और ग्वालियर संभाग में तीन मामले दर्ज किये गये हैं। मालूम हो cकि जनवरी माह में मध्य प्रदेश सरकार ने धर्मांतरण रोकने के लिये धार्मिक स्वंत्रताता अध्यादेश 2020 लागू करने की घोषणा की थी। इसके तहत धमकी, जबरदस्ती, झूठ बोलकर तथा धोखाधड़ी कर विवाह के लिये धर्मांतरण कराने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। कुछ मामले में इस कानून के तहत 10 साल की जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा, “हम कहना चाहते हैं कि यह गंभीर मुद्दा है और इस तरह की ताकतें देश में सक्रिय हैं। मध्य प्रदेश में सरकार इसे रोकने की कोशिश में जुटी है।” बताया गया है कि लव जिहाद को रोकने के लिए बनाए गए इस अध्यादेश के तहत 17 जनवरी को बड़वानी जिले के पलसुड़ में पहला मामला दर्ज हुआ था। वहां सोहेल मंसीरी नाम के शादीशुदा व्यक्ति को दूसरे समुदाय की लड़की के साथ चार साल तक नाम छिपाकर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसके तीन दिन बाद ही भोपाल में कथित लव जिहाद का पहला केस आया और फिर अगले 11 दिनों में छह और केस दर्ज हुए। खरगौन जिले के मंडलेश्वर में एक 21 साल की लड़की ने आरोप लगाया था कि साहिल कुरैशी नाम के लड़के ने खुद को हिंदू दिखाया और जब उसकी असली पहचान सामने आई, तो वह लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा। हालांकि, साहिल को गिरफ्तारी के बाद जमानत भी मिल गई।

बताया गया है कि इस अध्यादेश के तहत ज्यादातर शिकायतें ऐसी महिलाओं ने दर्ज कराई हैं, जिनका कहना है कि उनके साथ संबंधों में धोखा हुआ। हालांकि, इनमें से जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाने वाली महिलाओं की संख्या कम है। ऐसा ही एक मामला 27 जनवरी को इंदौर से सामने आया था, जब महिला ने आरोप लगाया था कि उस पर पुलिस स्टेशन के पीछे एक प्रार्थना कार्यक्रम में जबरदस्ती ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला गया। इस मामले में महिला के माता-पिता के साथ 9 अन्य लोग गिरफ्तार हुए थे।

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