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अखिलेश से मिले BSP से निष्काषित 9 MLA, बाद में पिछले गेट से निकले; बोले SP चीफ- हमारे यहां कई लोग आना चाहते हैं

बताया गया है कि बैठक में अखिलेश यादव और बाकी नेताओं के बीच 2022 में चुनाव लड़ने पर चर्चा हुई, बाद में सपा प्रमुख ने इन नेताओं को दफ्तर के पिछले गेट से बाहर निकाल दिया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब सिर्फ छह महीने से कुछ ज्यादा का समय बचा है। ऐसे में ज्यादातर पार्टियां अपनी तैयारियों को आखिरी रूप देने में लगी हैं। इस बार का मुकाबला मुख्य तौर पर तो भाजपा, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच देखा जा रहा है, लेकिन तीनों ही दल एक-दूसरे को तोड़ने की कोशिश में जुटे हैं। इसका एक नजारा मंगलवार को लखनऊ में देखने को मिला, जहां बसपा से निष्काषित 9 विधायकों के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने की चर्चा है।

रिपोर्ट्स की मानें तो बसपा के ये विधायक पार्टी से निष्काषित होने के बाद से ही अलग-अलग दलों से संपर्क में थे। हालांकि, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मौके का फायदा उठाते हुए इन्हें मुलाकात के लिए बुला लिया। बताया गया है कि बैठक में अखिलेश यादव और बाकी नेताओं के बीच 2022 में चुनाव लड़ने पर चर्चा हुई। इसके बाद इन सभी नेताओं को पार्टी कार्यालय के पीछे के गेट से निकाल दिया गया। माना जा रहा है कि ये विधायक जल्द ही समाजवादी पार्टी जॉइन कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अब तक अखिलेश यादव ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। एक न्यूज चैनल द्वारा किए सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कई लोग सपा जॉइन करना चाहते हैं।

किस-किस ने की अखिलेश से मुलाकात?: जिन विधायकों के अखिलेश से मिलने की ब सामने आ रही है, उनमें भिनगा सीट से असलम राइनी, मुंगरा से सुषमा पटेल और उन्नाव से अनिल सिंह जैसे विधायक शामिल हैं। इसके अलावा वंदना सिंह (सगड़ी), रामवीर उपाध्याय (सादाबाद), असलम अली चौधरी (ढोलाना), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर), हाकिम लाल बिंद (हांडिया) और हरगोविंद भार्गव (सिधौली) भी शामिल रहे।

2019 के लोकसभा चुनाव में साथ आ चुकी हैं SP-BSP: गौरतलब है कि यूपी में 2017 का विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव और मायावती ने अलग-अलग लड़ा था। दोनों को ही भाजपा के सामने करारी शिकस्त मिली थी। इसके बाद दोनों पार्टियां 2019 के चुनाव के लिए साथ आईं, लेकिन बसपा ने 10 सीटों पर फायदा मिलने के बाद पांच सीट पाने वाली समाजवादी पार्टी से राहें अलग कर ली थीं। उसी घटना से सीख लेते हुए अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव से पहले ही ऐलान कर दिया है कि वे बसपा या कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेंगे। हालांकि, छोटी-छोटी पार्टियों के साथ जा सकते हैं।

एक दिन पहले ही लालू यादव से मिले थे अखिलेश: बता दें कि एक दिन पहले ही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिल्ली में राजद सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलों को हवा मिल गई। माना जा रहा है कि यह मीटिंग यूपी में किसी बदलाव का संकेत भी हो सकती है।

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