बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। निशांत को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में जेडीयू में शामिल किया गया। पार्टी से जुड़ने के बाद नीतीश ने कहा कि वह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

जेडीयू में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा, “मेरे पिता ने राज्यसभा सदस्य बनने का फैसला लिया, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था। हम सभी इसका सम्मान करते हैं। हम उनके मार्गदर्शन में काम करते रहेंगे। मैं संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा।” निशांत ने कहा, “मेरे पिता ने पिछले 20 वर्षों में जो भी काम किया है, मैं उसके बारे में सभी नागरिकों में जागरूकता पैदा करने का प्रयास करूंगा। मैं लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने की कोशिश करूंगा।” मैं आप सभी की अपेक्षाओं और मुझ पर दिखाए गए भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।”

निशांत अपने पिता की राजनीतिक विरासत के वारिस होंगे

वहीं, निशांत का जेडीयू में शामिल होने का कदम पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग के बीच इस बात की चर्चा के बीच आया कि वह नीतीश के उत्तराधिकारी और अपने पिता की राजनीतिक विरासत के वारिस होंगे। नालंदा से जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा, “निशांत पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेंगे। जब वे बिहार का दौरा शुरू करेंगे तब उन्हें पता चलेगा कि उनके पार्टी में शामिल होने से हमारे कार्यकर्ताओं में कितना जोश आया है।”

जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने एक पोस्ट में लिखा, “आज जेडीयू परिवार में एक नया अध्याय जुड़ गया है। निशांत कुमार का पार्टी में शामिल होना केवल पार्टी की सदस्यता लेना नहीं है बल्कि यह नीतीश कुमार की समृद्ध राजनीतिक और सामाजिक विरासत के वाहक के आगमन का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि निशांत हमारे नेता नीतीश कुमार के आदर्शों, जनसेवा की भावना और बिहार के विकास के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे और समाज और राज्य की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

जेडीयू नेताओं ने निशांत का किया स्वागत

ललन सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “निशांत का पार्टी में शामिल होना पार्टी की ऊर्जा, दिशा और शक्ति को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और पार्टी की विचारधारा और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”

जेडीयू ने निशांत की नियुक्ति का समय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के साथ मेल खाने के लिए चुना ताकि नीतीश कुमार के विशाल महिला मतदाता वर्ग के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सके। जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में निशांत पार्टी के इकलौते उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, “हम पार्टी में दो सत्ता केंद्र नहीं चाहते। नीतीश के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा की तरह दो उपमुख्यमंत्री होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।”

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बिहार में नीतीश के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है उनमें पांच नाम प्रमुख हैं- डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उद्योग मंत्री दिलीप जयसवाल, नीतीश के बेटे निशांत कुमार और राज्य मंत्री विजय कुमार चौधरी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें