UP Election 2027: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अपने पारिवारिक गढ़ अमेठी और रायबरेली की आगामी दो दिवसीय यात्रा को कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देख रही है। कांग्रेस के अंदर इस यात्रा को राजनीतिक रूप से बहुत अहम माना जा रहा है। नेताओं का कहना है कि गांधी परिवार के गढ़ों से जो मैसेज देंगे, वह चुनावों से पहले पार्टी की रणनीति को आकार देने में मदद कर सकता है।

रायबरेली के सांसद 19 और 20 मई को अपनी यात्रा के दौरान विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जनसभाओं को संबोधित करेंगे, महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे और जनता दरबार आयोजित करेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के मिशन यूपी अभियान की नींव रखना है।

यह दौरा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लगातार गिरती स्थिति और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के संदर्भ में हो रहा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में, पार्टी राज्य में केवल एक सीट रायबरेली तक सिमट गई थी, जबकि अमेठी सीट भी उसके हाथ से निकल गई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य की 403 सीटों में से केवल दो सीटें ही जीत पाई।

गांधी परिवार के गढ़ों में यह गिरावट विशेष रूप से स्पष्ट थी। रायबरेली और अमेठी दशकों से गांधी परिवार से जुड़े होने के बावजूद, कांग्रेस 2022 में इन दोनों संसदीय क्षेत्रों में से एक भी विधानसभा सीट जीतने में विफल रही। इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने पांच, समाजवादी पार्टी ने चार सीटें जीतीं और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को मिली।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल बदल गया। सपा के साथ गठबंधन में इंडिया ब्लॉक के बैनर तले चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस ने रायबरेली और अमेठी सहित उत्तर प्रदेश की छह लोकसभा सीटें जीतीं।

कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए, इस परिणाम ने संकेत दिया कि पार्टी गठबंधन की राजनीति और क्षेत्रीय स्तर पर केंद्रित पुनर्गठन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में चुनावी प्रासंगिकता बनाए रख सकती है। पार्टी नेताओं का मानना ​​है कि रायबरेली और अमेठी में संगठन को फिर से जिंदा करना राज्य में किसी भी व्यापक पुनरुद्धार रणनीति के लिए केंद्रीय महत्व रखता है।

अपनी उत्तर प्रदेश रणनीति के तहत, कांग्रेस ने उन सीटों की पहचान करना शुरू कर दिया है जिन पर वह चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। पार्टी ने एआईसीसी (AICC) के सचिवों को उन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची जमा करने का निर्देश दिया है, जिनकी मांग पार्टी अपने सहयोगी एसपी के साथ सीट-बंटवारे की बातचीत के दौरान कर सकती है।

कांग्रेस नेतृत्व 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में अपने महंगे अनुभव के बाद बातचीत में आने वाली जटिलताओं को लेकर विशेष रूप से सतर्क है। बिहार में सीट-बंटवारे की बातचीत में देरी और INDIA गठबंधन के सहयोगियों के बीच “फ्रेंडली फाइट” (friendly fights) के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा था।

पार्टी ने 403 सीटों को तीन कैटेगरियों में बांटा

पार्टी ने आंतरिक रूप से उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों को तीन कैटेगरियों में बांटा है। इसमें हाई पोटेंशियल, मार्जिनल और वीक शामिल है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “अब तक हमने पहली कैटेगरी में 100 से ज्यादा सीटों, दूसरी कैटेगरी में लगभग 200 सीटों और तीसरी कैटेगरी में लगभग 120 सीटों की पहचान की है।”

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि गांधी की यात्रा का उद्देश्य मतदाताओं के साथ सीधा जुड़ाव मजबूत करना और महिला संवाद कार्यक्रम, जनता दरबार और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से निष्क्रिय स्थानीय इकाइयों को फिर से सक्रिय करना है।

वीरा पासी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण

इस यात्रा से सामाजिक न्याय का संदेश भी जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गांधी स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी की प्रतिमा का अनावरण करने वाले हैं। इस कदम को कांग्रेस द्वारा दलित और पिछड़े वर्ग के समुदायों तक अपनी पहुंच बनाने की रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

NEET पेपर लीक राहुल गांधी का हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना रुख और तीखा कर दिया और सवाल उठाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से क्यों नहीं हटाया गया। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…