Delhi Assembly Security Scare: सरबजीत सिंह ने सोमवार को परिसर के वीआईपी गेट को तोड़कर दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा संबंधी अफरा-तफरी मचा दी थी। तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी सरबजीत की 8 दिन की हिरासत दिल्ली पुलिस को सौंपी। सरबजीत कथित तौर पर अपने बहनोई हरप्रीत से इस बात पर नाराज था कि उसने उसे अपने भतीजे के लापता होने की जानकारी नहीं दी थी।
परिवार पिछले तीन दिनों से पंजाब के आनंदपुर साहिब में बीटेक के सेकंड ईयर के छात्र हरमन की तलाश कर रहा है। पुलिस ने बताया कि दिल्ली आने से पहले पंजाब में सरबजीत का हरप्रीत से झगड़ा हुआ था। हरमन 1 अप्रैल को बस से दिल्ली से रवाना हुआ था। उसकी आखिरी लोकेशन आनंदपुर साहिब के नांगल में थी, जहां उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था।
कहां रहता है सरबजीत?
वह पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर स्थित जीटीबीआईटी कॉलेज में पढ़ता है और कॉलेज के पास किराये के मकान में रहता है। हरमन का परिवार लखीमपुर खीरी में रहता है। सरबजीत पीलीभीत में रहता है।
इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए हरप्रीत ने बताया कि वे पिछले तीन-चार दिनों से आनंदपुर साहिब के एक गुरुद्वारे में रह रहे हैं और हरमन की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उसने आखिरी बार 2 अप्रैल को अपनी मां से बात की थी, जिसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। फोन पर उसकी आवाज ठीक लग रही थी। लेकिन जब मेरी पत्नी ने उससे पूछा कि वह उस समय कहां है, तो उसने अपनी लोकेशन नहीं बताई।”
उसके परिवार ने उसकी तस्वीर वाले पोस्टर छपवाए, सोशल मीडिया का सहारा लिया और उसे ढूंढने में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए 2 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। हरप्रीत ने बताया कि हरमन पढ़ाई में अच्छा है और उसने पहले कभी इस तरह घर नहीं छोड़ा था। हरप्रीत ने कहा, “हमें नहीं पता उसने ऐसा क्यों किया। हम पहले से ही दुख और परेशानी में हैं और अब दिल्ली में सरबजीत ने जो किया है उससे हमारी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।”
पश्चिमी दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि हरमन कंधे पर बैग लेकर अकेले ही निकला था। अधिकारी ने आगे बताया कि उसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और एक टीम को आनंदपुर साहिब भी भेजा गया है।
2 से 6 अप्रैल के बीच क्या हुआ?
2 अप्रैल को हरप्रीत ने बताया कि वह हरि नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए देर रात दिल्ली पहुंचा था। परिवार तब तक राजधानी में ही रुका रहा जब तक कि हरमन के फोन की लोकेशन आनंदपुर साहिब में ट्रेस नहीं हो गई। दिल्ली विधानसभा की घटना से पहले की घटनाओं के बारे में बताते हुए हरप्रीत ने बताया कि वह 4 अप्रैल को आनंदपुर साहिब पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगले दिन, सरबजीत अपनी टाटा सिएरा में आए और यह पूछने लगे कि उन्हें उनके लापता भतीजे के बारे में सूचित क्यों नहीं किया गया।
सरबजीत से छिपाकर रखी बेटे के लापता होने की खबर- हरप्रीत
हरप्रीत ने कहा, “हमने शुरुआत में सरबजीत से अपने बेटे के लापता होने की खबर छिपाकर रखी, क्योंकि वह पिछले सात-आठ सालों से डिप्रेशन का इलाज करवा रहा है। हम जानते थे कि अगर उसे हरमन के लापता होने के बारे में पता चलता, तो वह परेशान हो सकता था। और ठीक वैसा ही हुआ।”
हरप्रीत ने बताया, “उसने मुझसे झगड़ा किया और पूछा कि मैं दिल्ली पुलिस से मदद क्यों नहीं मांग रहा हूं। उसने यह भी दावा किया कि उसने दिल्ली के मुख्यमंत्री से बात की है। उस समय उसके पास उसकी दवाइयां नहीं थीं। जब मैंने पीलीभीत में उसके परिवार को फोन किया, तो उन्होंने बताया कि वह पिछले एक हफ्ते से दवाइयां नहीं ले रहा था। मैंने उनसे डॉक्टर का पर्चे भेजने को कहा, लेकिन हमें यहां दवाइयां नहीं मिल सकीं। अगली सुबह (6 अप्रैल), हमें नहीं पता कि वह कब और कैसे दिल्ली पहुंचा।”
डिप्रेशन के कारण कभी-कभी आक्रामक हो जाता है सबरजीत- हरप्रीत
सरबजीत विवाहित हैं और खेती के साथ-साथ परिवार के चावल मिल के व्यवसाय की भी देखभाल करते हैं। हरप्रीत ने आगे बताया, “डिप्रेशन के कारण वह कभी-कभी आक्रामक हो जाते हैं।” सरबजीत को रूप नगर में उस समय पकड़ा गया जब वह विधानसभा परिसर के वीआईपी गेट को तोड़कर अंदर घुस गया था। उसने कथित तौर पर स्पीकर विजेंदर गुप्ता से उनके ऑफिस में मिलने की कोशिश की थी। वह करीब छह मिनट तक विधानसभा परिसर में रहा, लेकिन सुरक्षाकर्मी उसे पकड़ने में नाकाम रहे। अंत में, सिंह अपनी एसयूवी में परिसर से निकल गया और गुप्ता के लिए फूलों का गुलदस्ता और गेंदे की माला वहीं छोड़ गया।
वह दिल्ली पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। सोमवार को सरबजीत के बड़े भाई अवतार सिंह ने मीडिया को बताया कि स्थानीय पुलिस ने उनसे मुलाकात की थी और कहा था कि वे जांच में सहयोग करेंगे।
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में चूक
दिल्ली विधानसभा में सोमवार दोपहर अचानक यूपी नंबर की एक अज्ञात कार विधानसभा की सुरक्षा का घेरा तोड़कर अंदर चली गई। इसके चलते सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, कुछ ही पलों में यह कार बाहर भी निकल गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। बताया गया है कि कार से निकले शख्स ने स्पीकर की गाड़ी पर स्याही फेंकी और वापस चला गया। पढ़ें पूरी खबर…
