केंद्र सरकार ने टीएमसी की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने खुफिया ब्यूरो की सुरक्षा आकलन रिपोर्ट के बाद दस्तीदार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा देने का फैसला किया है।
‘वाई’ श्रेणी के तहत खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए खतरे के आकलन के आधार पर उस शख्स की सुरक्षा में चौबीसों घंटे सशस्त्र कर्मियों की एक टीम तैनात रहती है।
दस्तीदार पश्चिम बंगाल के बारासात निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। वह टीएमसी के संसदीय मामलों के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं और कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखती रही हैं लेकिन हाल ही में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के सांसदों की बैठक के दौरान दस्तीदार को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया था और उनकी जगह कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
काकोली को अगस्त, 2025 में मुख्य सचेतक के पद पर नियुक्त किया गया था और वह इस पद पर केवल नौ महीने ही रहीं। यह फैसला पश्चिम बंगाल में टीएमसी की चुनावी हार के मद्देनजर लिया गया।
दस्तीदार को ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता था लेकिन मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि उनके ममता बनर्जी और टीएमसी से रिश्तों में गिरावट आई है।
काकोली घोष दस्तीदार कौन हैं?
66 साल की काकोली घोष दस्तीदार टीएमसी की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 और 2019 के आम चुनावों में फिर से जीत दर्ज की।
काकोली घोष का विवाह डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार से हुआ है। डॉ. सुदर्शन बांझपन और आईवीएफ के विशेषज्ञ हैं और पश्चिम बंगाल में मंत्री भी रह चुके हैं। दस्तीदार दंपति के दो बेटे हैं।
काकोली घोष ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से मेडिकल की डिग्री हासिल की है। बाद में उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से प्रसूति अल्ट्रासाउंड में पोस्ट ग्रेजुएट किया। पीटीआई के मुताबिक, टीएमसी के कुछ लोग काकोली घोष दस्तीदार के बेटे द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट से नाराज थे।
‘कश्मीर की तरह पश्चिम बंगाल में भी खत्म हो जाएगी पत्थरबाजी’
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्थरबाजों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारी ने कहा कि जिस तरह जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी को खत्म कर दिया गया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी इसे जल्द ही पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
