यूपी विधानसभा के मानसून सत्र से पहले ही यह माना जा रहा था कि सदन में भारी हंगामा देखने को मिलेगा और ऐसा हो भी रहा है। मंगलवार को भी विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। इस हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने का निर्देश दे दिया।
सदन शुरू होने के 10 मिनट बाद ही हो गया था स्थगित
मंगलवार को सदन की शुरुआत होने के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सपा के विधायकों ने भारी हंगामा शुरू कर दिया। सदन शुरू होने के 10 मिनट बाद ही हंगामे के चलते अध्यक्ष ने सदन स्थगित कर दिया। दोबारा सदन शुरू हुआ लेकिन सपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह व्यवस्था दी कि आसन के सामने जो लोग बैठे हैं, वह कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे।
योगी की तस्वीर लेकर हंगामा कर रहे थे सचिन
इस बीच फिरोजाबाद जिले के जसराना विधानसभा क्षेत्र से चुने गये सदस्य इंजीनियर सचिन यादव अपने हाथों में एक बैनर लहरा रहे थे, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर थी। सपा सदस्य सचिन यादव के विरोध प्रदर्शन से नाराजगी जाहिर करते हुए सतीश महाना ने उन्हें टोका, लेकिन वह नहीं माने और उसके बाद सचिन यादव को पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया। महाना ने सदन बुधवार तक के लिए स्थगित भी कर दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने दी थी वॉर्निंग
सतीश महाना ने विधानसभा में कहा, “सचिन आप मुख्यमंत्री जी की तस्वीर के साथ ऐसा नहीं कर सकते हैं। आपको पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर निकाला जाता है। आप बाहर जाइए नहीं तो सदस्यता से बर्खास्त करा दूंगा।” अध्यक्ष के बार-बार कहने पर भी सपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा। महाना ने सदन बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
कौन हैं सचिन यादव जिन्हें किया गया निलंबित?
फिरोजाबाद जिले की जसराना विधानसभा सीट से विधायक सचिन यादव दूसरी बार विधायक बने हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें जीत मिली थी। 1984 के जन्मे सचिन यादव पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव के बेटे हैं। उन्होंने 2009 में डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा से एमए की पढ़ाई पूरी की। सचिन यादव की पत्नी एक बिजनेस वुमन हैं।
निलंबित होने के बाद सचिन यादव का रिएक्शन
वहीं नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सदस्यों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका आचरण न केवल असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है। उधर सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सपा विधायक सचिन यादव ने सदन से निष्कासित किये जाने के सवाल पर कहा, ”हम लोग अखिलेश यादव जी के सिपाही हैं और कार्रवाई से नहीं डरते हैं, जनता की आवाज उठाने के लिए हैं, लेकिन आवाज को दबाने की कोशिश होगी तो हम जमकर विरोध करेंगे।”
सचिन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर नियम 311 के तहत सदन में चर्चा की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूध का दूध, पानी का पानी होगा, लेकिन कहां गया दूध, कहां गया पानी। यादव ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई और इन्होंने सदन में चर्चा की मांग को ठुकरा दिया।
यहां भी पढ़ें: कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो, जिन्हें छात्र कहते हैं झारखंड का ‘सोनम वांगचुक’? रांची में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता
झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसके साथ ही छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन का अहम चेहरा बनाकर उभरे हैं। उन्हें झारखंड में छात्र ‘सोनम वांगचुक’ भी कह रहे हैं। देवेंद्रनाथ महतो ने रविवार रात (2 अगस्त) को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध कर रहे छात्रों का साथ देने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। यहां पढ़ें पूरी खबर…
