पंजाब के दाखा से बागी अकाली विधायक मनप्रीत सिंह अयाली मंगलवार को चंडीगढ़ में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होने वाले हैं। अयाली ने हाल ही में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा दे दिया था। शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले SAD से अलग होकर बना एक गुट है। अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह और फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मौजूदगी में अयाली पार्टी में शामिल होंगे।
अयाली ने कहा कि वह पंजाब और उसके लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “वारिस पंजाब दे की लोकप्रियता बढ़ रही है और मुझे आने वाले दिनों में सकरात्मक नतीजों की उम्मीद है। हम पहले से ही पंथिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं। कौम (सिख कम्युनिटी) की भावना थी कि एक नया पंथिक प्लेटफॉर्म होना चाहिए।”
ज़मीनी स्तर पर मजबूत बेस बना रही अमृतपाल की पार्टी- अयाली
तीन बार के विधायक अयाली ने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में और भी नेता अकाली दल (WPD) में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “वारिस पंजाब डे ज़मीनी स्तर पर एक मज़बूत बेस बना रहा है और लोग आने वाले दिनों में इसे देखेंगे।”
कौन हैं मनप्रीत सिंह अयाली?
अयाली का राजनीतिक सफ़र 2007 में ज़िला परिषद मेंबर के तौर पर चुनाव से शुरू हुआ। बाद में वह लुधियाना ज़िला परिषद के चेयरमैन बने। उन्होंने 2012 में SAD के टिकट पर दाखा विधानसभा सीट जीती। उसके बाद 2019 में उस सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की और 2022 में भी जीत हासिल की।
2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब में आम आदमी पार्टी की लहर थी और अकाली के केवल तीन विधायक जीते थे। इसमें मनप्रीत सिंह अयाली भी शामिल थे। यह SAD का अब तक का सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन था। इसके बाद अयाली ने SAD लीडरशिप के खिलाफ़ बगावत कर दी। उन्होंने संगठनात्मक सुधारों की मांग की और सुखबीर बादल से पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने को कहा।
दिसंबर 2024 में अयाली को अकाल तख्त की बनाई कमेटी का हिस्सा बनाया गया, जिसे SAD के मेंबरशिप ड्राइव को तेज़ करने और पार्टी के रीऑर्गेनाइज़ेशन की देखरेख करने का काम सौंपा गया था। उस समय, सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक पीठ ने 2007 से 2017 तक पंजाब में पार्टी और उसकी सरकार के ‘पापों’ के लिए सुखबीर बादल और दूसरों को सज़ा सुनाई थी। अयाली बाद में SAD सुधार लहर आंदोलन में शामिल हो गए, जो 2025 में SAD (पुनर् सुरजीत) बन गया।
जेल में बंद है अमृतपाल
अकाली दल (WPD) संगठन पिछले साल बना था और इसके नेता खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह अभी 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में असम की एक जेल में बंद है। अयाली ने 20 मई को SAD (पुनर् सुरजीत) के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था, जिसमें SAD (पुनर् सुरजीत) और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के बीच गठबंधन की संभावना तलाशने के लिए बनाई गई कोऑर्डिनेशन कमेटी के कन्वीनर का पद भी शामिल था। अयाली ने कांग्रेस, BJP, AAP या सुखबीर बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
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बीते काफी दिनों से इस बात की चर्चा थी कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व पंजाब संगठन में बदलाव कर सकता है। इसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर टीवी तक में अटकलों का दौर जारी था लेकिन अब पार्टी ने कह दिया है कि कोई बदलाव नहीं होगा। पढ़ें पूरी खबर
