गुजरात कैडर के पूर्व IPS मनोज निनामा (59) ने 7 अप्रैल को वीआरएस लेने के बाद गुरुवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। 42 सालों तक पुलिस में काम करने वाले मनोज निनामा को बीजेपी ने अरावली जिला पंचायत की शामलाजी तालुका की ओध जिला पंचायत सीट से मैदान में उतारा है।

मनोज निनामा 31 मई को रिटायर होने वाले थे लेकिन उन्होंने अपने पैतृक जिले से चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस ले लिया। पुलिस से प्रशासन की तरफ जाने को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में मनोज निनामा कहते हैं कि यह रिटायरमेंट के बाद के सालों में “कुछ सामाजिक जीवन” जीने का एक तरीका है। इसके अलावा वह इसे अपने जिले के अदिवासी समुदाय से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने का जरिया भी मानते हैं।

करीबी मित्र के प्रभाव को मानते हैं राजनीति में एंट्री की वजह

मनोज निनामा राजनीति में अपनी एंट्री की वजह खुद पर पूर्व IPS अधिकारी और अपने करीबी दोस्त पी.सी. बरंडा के प्रभाव को मानते हैं। पी.सी. बरंडा गुजरात में जनजातीय विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री हैं। वह अरावली जिले की भीलोदा विधानसभा सीट से विधायक भी हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस से मनोज निनामा कहते हैं कि वे और पी.सी. बरंडा कई सालों से दोस्त हैं, दोनों ने साथ में पढ़ाई की, साथ ही पुलिस कैडर में शामिल हुए, साथ ही ट्रेनिंग ली और लगभग एक ही समय पर IPS रैंक पर प्रमोट हुए। पी.सी. बरंडा ने 2017 में वीआरएस लेने का फैसला किया था।

मनोज निनामा ने बताया कि जब पी.सी बरंडा ने वीआरएस लिया था, तब उन्होंने उनसे कहा था कि वे अपनी सर्विस पूरी करेंगे। उन्होंने कहा, “अब जब मैं 60 साल के बाद की जिंदगी के बारे में सोच रहा हूं, तो मुझे लगता है कि कुछ बदलाव की जरूरत है और अब एक सामाजिक जीवन  अच्छा रहेगा। मैंने अपनी पूरी जिंदगी एक पुलिस कर्मी के तौर पर बिताई है।”

क्यों थामा बीजेपी का दामन?

बीजेपी में अपनी एंट्री के सवा पर मनोज निनामा ने कहा कि बीजेपी की विकास और राष्ट्रवाद की विचारधारा से प्रभावित हैं। वह यह भी मानते हैं कि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है। वो कहते हैं, “राष्ट्रवाद और विकास की विचारधाराएँ मुझे प्रभावित करती हैं, ठीक वैसे ही जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्य मुझे प्रभावित करते हैं।”

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कांग्रेस में शामिल होते समय बीजेपी की पूर्व पार्षद सेजल गोहेल (30 साल) ने आरोप लगाया था कि वह पार्षद होने के बाद भी बीजेपी में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें