पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक कथित अपमानजनक वीडियो को लेकर मचे बवाल से जूझ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर भगवंत मान ने साफ कह दिया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वो नहीं है और यह वीडियो उन्हें बदनाम करने के लिए बनाया गया है।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक वीडियो दिखाया जिसमें कनाडा में रहने वाले जगमंदीप सिंह समरा नाम के एक व्यक्ति मुख्यमंत्री से मिलता-जुलता मुखौटा पकड़े हुए दिख रहा। एक अन्य क्लिप दिखाते हुए भगवंत मान ने कहा कि उसमें दिख रहा व्यक्ति उन्हीं के चेहरे से मिलता-जुलता मुखौटा पहने हुए था और यह उनके बगल से देखने पर स्पष्ट था।

कई आपराधिक मामले दर्ज हैं जगमंदीप पर

कनाडा में रहने वाले एनआरआई जगमंदीप सिंह समरा के खिलाफ पंजाब में कई आपराधिक मामले चल रहे हैं। मार्च 2022 में भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद सार्वजनिक रूप से चर्चा में आए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवंत मान के निजी जीवन के बारे में विवादास्पद दावे करना शुरू कर दिया, जिसमें उन्होंने भगवंत मान के आपत्तिजनक वीडियो होने का दावा किया।

अक्टूबर 2025 में जगमंदीप सिंह समरा ने कथित अपमान के वीडियो जारी किए, इसके बाद पंजाब पुलिस की साइबर सेल ने उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए। उन्होंने ये वीडियो अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए और वीडियो के एआई होने का सबूत देने वाले को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की। उन्होंने यह भी दावा करते हुए कहा कि उनके पास अन्य कई आप के सीनियर नेताओं के ऐसे आठ वीडियो मौजूद हैं।

जनवरी 2026 में अकाल तख्त ने ऐसे वीडियो पर संज्ञान लिया था

जनवरी 2026 में सिख समाज की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने ऐसे वीडियो पर संज्ञान लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री को तलब किया और कथित बेअदबी वाले वीडियो को केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कुछ फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा।

पहले तो भगवंत मान ने दावा किया कि वीडियो फर्जी है और एआई से बनाया गया है। इसके बाद अकाल तख्त की ओर फोरेंसिक रिपोर्ट में वीडियो के फर्जी न होने की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है।

15 जून को, अकाल तख्त ने कथित बेअदबी वीडियो पर भगवंत मान को गुरु दोखी और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जगमंदीप सिंह समरा ने अपने चेहरे से मिलता-जुलता मुखौटा पहने अभिनेता के वीडियो शूट किए थे। भगवंत मान ने अकाल तख्त को यह भी बताया कि जगमंदीप नशेड़ी, ब्लैकमेलर और मानसिक रूप से अस्वस्थ था। उन्होंने गुरुवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इन आरोपों को दोहराया।

जगमंदीप ने आरोपों को किया खारिज

एक लाइव वीडियो में जवाब देते हुए, जगमंदीप ने के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने विवादित वीडियो के लिए पैसे मांगे थे। उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया आप पार्टी के विरोधी गुट के एजेंट थे।

उन्होंने दावा किया यह वीडियो 2014 में कनाडा के एक होटल में रिकार्ड किया था और वीडियो बनाते समय आप के पूर्व विधायक जरनैल सिंह भी उसी कमरे में मौजूद थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक भाजपा सांसद ने उन्हें यह वीडियो दिए थे और उनके हाथ में आने से पहले ही आप नेताओं के पास यह वीडियो मौजूद था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कनाडा की एक लैब ने फोरेंसिक रिपोर्ट ने वीडियो को प्रामाणिक घोषित किया है।

कौन हैं जगमंदीप?

जगमंदीप के मुताबिक, वह पंजाब के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके माता-पिता रिटायर प्रिंसिपल थे और उनका बचपन संगरूर जिले के फग्गुलवाला गांव में हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके दादा पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी थे और भगवंत मान ने 2012 के विधानसभा चुनाव में लेहरा सीट से तत्कालीन पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब के टिकट पर उनके दादा के स्मारक (फग्गुवाला) से अपना चुनावी अभियान शुरू किया था।

जगमंदीप के कहा कि वह फिलहाल कनाडा के एबॉट्सफोर्ड में रहते हैं और वहां किसान के तौर पर काम करते हैं। उनका दावा है कि वह भगवंत मान को स्कूल के दिनों से जानते थे और उनकी पहली शादी में भी शामिल हुए थे। उनका यह भी कहना है कि 2011 में मनप्रीत बादल की पीपीपी के शुरुआती दौर में वह उससे जुड़े हुए थे और भगवंत मान के साथ उनका मतभेद उसी समय से शुरू हुआ था। भगवंत मान 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले आप में शामिल हो गए थे।

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