Delhi News: होली के मौके पर सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली की महिलाओं के लिए 4 बड़ी योजनाओं की सौगात दी है। इनमें सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, फ्री एलपीजी सिलेंडर योजना, दिल्ली लखपति बिटिया योजना और मेरी पूंजी मेरा अधिकार योजना शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की बेटियों को बधाई देते हुए कहा, “वर्षों से जो राशि दिल्ली सरकार के खातों में पड़ी हुई थी, जब पीएम मोदी ने मेरी पूंजी मेरा अधिकार योजना का क्रियान्वयन किया तो उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि सरकार के खातों में जनता का जो भी पैसा पड़ा है, जल्द से जल्द उसे लाभार्थियों को ढूंढकर वो पैसा उन तक पहुंचाएं। जब सरकार ने तहकीकात की तो हमने देखा कि पौने दो लाख बच्चियों का लाडली योजना का पैसा सरकार के खातों में पड़ा है। इस एक साल में पहले चरण में हमने 30000 बच्चियों को खोजा और उनको 90 करोड़ का डीबीटी किया। आज राष्ट्रपति की उपस्थिति ने और 40000 बेटियों को खोजकर 100 करोड़ रुपये का डीबीटी किया है।”
लाडली योजना दिल्ली क्या है?
दिल्ली लाडली योजना को 2008 में दिल्ली सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से लॉन्च किया था। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना है, उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकना है। यह योजना मूल रूप से वित्तीय सहायता देती है। यह एक गर्ल चाइल्ड के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा की जाती है, जिसे 18 साल की होने के बाद क्लेम कर सकती है।
जन्म के समय मिलने वाली राशि (जन्म के समय राशि)
अस्पताल में जन्म: अगर लड़की का जन्म अस्पताल में हुआ है, तो उसके नाम पर 11,000 का फिक्स्ड डिपॉजिट किया जाता है। वहीं, अगर लड़की का जन्म घर पर हुआ है, तो 10,000 का फिक्स्ड डिपॉजिट किया जाता है।
पढ़ाई के लिए जमा किया जाता है एडिशनल फिक्सड डिपॉजिट
लड़की की पढाई को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ एडिशनल फिक्सड डिपॉजिट जमा किया जाता है।
कक्षा 1 में प्रवेश, 5,000
कक्षा 6 में प्रवेश: ₹5,000
कक्षा 9 में प्रवेश: ₹5,000
कक्षा 10 पास करने के लिए: ₹5,000
कक्षा 12 में प्रवेश: ₹5,000
ये सारी किश्तें मिलकर जब लड़की 18 साल की उम्र पूरी कर लेती है और कक्षा 10 पास कर लेती है, तो वो कुल मैच्योरिटी अमाउंट 1,00,000 का दावा कर सकती है। इसको क्लेम करने के लिए लड़की को अपना नाम पर एसबीआई में एक जीरो बैलेंस बचत बैंक खाता खोलना होगा। लड़की को महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी को एक लिखित आवेदन देना होगा, साथ में जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं पास प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और बैंक पासबुक की कॉपी लगानी होगी। फिर विभाग दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। वैरिफिकेशन के बाद राशि लड़की के बैंक खाते में डीबीटी के जरिये ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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बता दें कि पिंक सहेली कार्ड एक प्रपोज्ड स्मार्ट कार्ड है जिसे दिल्ली सरकार ने फ्री बस सफर स्कीम में पारदर्शिता और एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए पेश किया है। इस सुविधा से फिलहाल हर महीने लगभग दो करोड़ महिला यात्रियों को फायदा होता है। साथ ही कार्ड धारक महिलाएं मेट्रो में भी पेड जर्नी के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…
