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कहां हैं बीजेपी सांसद सनी देओल? दो साल पहले किया था लोकसभा क्षेत्र में प्रचार, तब से चल रहे ‘लापता’, पार्टी और विरोधी दोनों कुपित

Sunny Deol: लोकसभा चुनाव 2019 में सनी देओल ने सुनील जाखड़ को हराया था और गुरदासपुर से सांसद बने थे। सुनील जाखड़ इस वक्त भाजपा में हैं।

कहां हैं बीजेपी सांसद सनी देओल? दो साल पहले किया था लोकसभा क्षेत्र में प्रचार, तब से चल रहे ‘लापता’, पार्टी और विरोधी दोनों कुपित
Sunny Deol: अभिनेता व भाजपा सांसद सनी देओल (फाइल फोटो)

Sunny Deol: एक्टर से राजनेता बने सनी देओल ने 2019 के लोकसभा चुनावों में गुरदासपुर से सुनील जाखड़ (तब कांग्रेस में) को हराया था और इस सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद से वह लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। लेकिन पिछले कुछ समय से उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान भी भाजपा के ‘स्टार कैंपेनर’ नजर नहीं आए थे। वह सितंबर 2020 के बाद से अपने संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर नहीं गए हैं।

उन्होंने 31 मार्च को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें भाजपा सांसद ने लिखा था, “आज दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य,उद्योग और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल से मिलना हुआ। इस मुलाकात के दौरान धारीवाल वूलन मिल कर्मियों की लगभग 39 महीनों से बकाया सैलरी जारी करने के विषय पर उनसे चर्चा हुई, जिस पर उन्होने इस मांग को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।” किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि का यह उनका आखिरी ट्वीट था। इसके बाद उनके अधिकांश ट्वीट्स फिल्मों और त्योहारों से जुड़े हैं।

सनी देओल विधानसभा चुनाव प्रचार में अपनी गैरमौजूदगी के कारण चर्चा में बने हुए थे क्योंकि वह पार्टी के 40 स्टार प्रचारकों में से एक थे। चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। पार्टी की दो सीटों में से एक पठानकोट (प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा की जीत) थी जो गुरदासपुर निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आती है। उस समय पार्टी ने कहा था कि चुनाव आयोग के कोविड-19 की तीसरी लहर के कारण प्रतिबंध लगाए गए थे, इसलिए सांसद चुनाव कैंपेन में नजर नहीं आए।

पीएम मोदी की रैली में भी नहीं नजर आए थे सनी

हालांकि भाजपा ने दावा किया था कि सनी देओल प्रचार के अंतिम चरण के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन वह नहीं आए। वे पठानकोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भी नजर नहीं आए थे। एक स्थानीय नेता जो 2019 में पार्टी के टिकट की रेस में शामिल थे, उन्होंने कहा, “पार्टी नेताओं को लगता है कि सनी देओल का राजनीतिक करियर उनके पिता धर्मेंद्र की तरह खत्म हो जाएगा और वह 2024 में टिकट का दावा करने नहीं आएंगे। इससे स्थानीय भाजपा के उन नेताओं को मौका मिलेगा, जिन्हें पिछली बार सनी देओल के पैराशूट लैंडिंग के कारण नकार दिया गया था।”

भाजपा सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर उनके प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं, देओल के करीबी एक पार्टी नेता ने कहा, “इस सीट को बीजेपी के लिए सनी देओल के अलावा और कोई नहीं जीत सकता था। सुनील जाखड़ अब बीजेपी में हैं लेकिन तब वह कांग्रेस में थे और हिंदुओं और सिखों दोनों के बीच खासे लोकप्रिय थे। सनी देओल न होते तो यहां से जीतना जाखड़ के लिए आसान होता। यह सच है कि देओल को अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान देने की जरूरत है।” सनी की गैरमौजूदगी को लेकर अक्सर कांग्रेस पार्टी भी निशाना साधती रही है।

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