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जब संसद में डांटने लगे थे लालू प्रसाद यादव, बोले थे- किसानों, दुकानदारों पर खतरा आया तो लगा देंगे आग

राजद नेता तेजस्वी यादव तो कृषि कानूनों के विरोध में बिहार में प्रदर्शन और धरना तक आयोजित करवा चुके हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | March 17, 2021 4:30 PM
lalu yadav, tej pratap yadav, lalu prasad yadav childrenआरजेडी सुप्रिमो लालू प्रसाद यादव अपनी ठेठ बेबाक शैली के लिए मशहूर रहे हैं। (फाइल फोटो)

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच गतिरोध जारी है। दोनों ही पक्ष अपने तर्कों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस बीच विपक्ष ने भी किसानों को अन्नदाता बताते हुए किसान संगठनों को समर्थन जताया है। इसमें केंद्र में कांग्रेस से लेकर बिहार में मुख्य विपक्षी दल राजद तक शामिल रहा है। राजद नेता तेजस्वी यादव तो कृषि कानूनों के विरोध में बिहार में प्रदर्शन और धरना तक आयोजित करवा चुके हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं था, जब राजद में इस तरह से किसानों का समर्थन किया गया हो। आज से 9 साल पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव लोकसभा में खड़े होकर आक्रामक बयान तक दे चुके थे।

क्या था लालू का बयान?: दरअसल, उस दौरान लोकसभा में एफडीआई को लेकर बहस चल रही थी। जहां केंद्र की यूपीए सरकार एफडीआई के पक्ष में खड़ी थी, वहीं विपक्ष में बैठी एनडीए ने इसका जमकर विरोध किया था। सदन में एफडीआई के पक्ष में भाषण देते हुए लालू प्रसाद यादव इस दौरान गुस्सा हो गए थे। तब लालू ने कहा था कि अगर देश का किसान, हमारा रिटेल वाला, कोई दुकानदार, जिस दिन हम लोग देखेंगे कि कोई खतरा आया। अगर यह एंटी हुआ, तो राष्ट्रीय जनता दल सारी दुकान में आग लगाकर खत्म कर देंगे।

एफडीआई का समर्थन करते हुए लालू ने कहा था कि देश में जब पूंजी आएगा, तो 100 फीसदी किसान खेती करेगा और पैदावार बढ़ेगा। जो मॉल आएगा, उसके रुकने की गारंटी रहेगी। उसमें काम करने वालों को पेंशन मिलेगी। लालू ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा था कि नेसकैफे कॉफी पीने वाले इसका विरोध कर रहे हैं।

लालू ने लालकृष्ण आडवाणी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे ट्विटर का इस्तेमाल क्यों करते हैं, ये विदेश नहीं है क्या। हमारा दल और हम सरकार के सुधार का समर्थन करते हैं। हम देश के किसानों, मजदूरों और नौजवानों से अपील करते हैं कि भाजपा के झांसे में नहीं आना। ये देश को आगे बढ़ने देना नहीं चाहते।

बता दें कि लालू की तरह ही उनके बेटे तेजस्वी यादव भी लगातार किसानों के समर्थक होने की बात कहते हुए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। पिछले महीने वे विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए घर से ट्रैक्टर चलाकर सदन पहुंचे थे। तेजस्वी बिहार के मुख्यमंत्री से कृषि कानूनों पर उनकी चुप्पी के लिए भी सवाल पूछ चुके हैं।

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