गुजरात के CM रहते नरेंद्र मोदी जब तोड़ देते थे ‘नियम कानून’, जूनियर अफसर ने तब आंख में आंख मिला कहा था- आप ऐसा नहीं कर सकते

बकौल मोदी, "एक दिन अतुल करवल ने मुझसे टाइम लिया। मेरे चैंबर में मिलने आए और अपनी नाराजगी जाहिर की। वह काफी जूनियर थे और यह 20 साल पहले की बात है। आंखों में आंख मिलकर उन्होंने मुझसे कहा कि "आप (मोदी) ऐसे नहीं जा सकते। कार से नहीं उतर सकते। मैंने कहा- मेरी जिंदगी के तुम मालिक हो क्या? तुम तय करोगे क्या कि मुझे क्या करना है और क्या नहीं।"

Atul Karwal, Narendra Modiअतुल करवल 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं, जिन्हें दिसंबर 2019 में सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी का निदेशक बनाया गया था। (फोटोः ANI/एक्सप्रेस आर्काइव)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह कभी-कभी सुरक्षा संबंधी नियम कानून तोड़ देते थे। भीड़ के बीच अपनी कार से उतरकर लोगों के बीच पहुंच जाया करते थे। मोदी के इस रवैये से तब उनकी सुरक्षा देखने वाले अफसरों खासा नाराज होते थे।

मोदी के इसी रवैये को लेकर एक बार उनकी सुरक्षा के प्रभारी अतुल करवल ने उनसे नाराजगी जाहिर की। हालांकि, उन्होंने बेहद नम्र तरीके से अपनी बात रखी थी और कहा था कि वह राज्य की संपत्ति हैं, इसलिए वह ऐसा (बिन बताए कार से उतरकर भीड़ में पहुंच जाना आदि) नहीं कर सकते। उन्हें नियम मानने होंगे और अफसर उन्हें उनका पालन करा कर रहेंगे। मोदी को जिस अंदाज में यह बात कही गई थी, वह उससे खासा प्रभावित हुए थे। चार सितंबर 2020 को आईपीएस प्रोबेश्नर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के दौरान चर्चा के दौरान उन्होंने इस किस्से का जिक्र किया था। रोचक बात है कि इस दौरान करवल भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के दिनों का अपना अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम में मोदी ने कहा था- मैं जब नया सीएम बना था, तब आपको ट्रेनिंग देने वाले अतुल मुझे ट्रेनिंग दे रहे थे। मैं उनके अंडर में ट्रेन्ड हुआ हूं, क्योंकि वह इंचार्ज (सीएम सुरक्षा के) थे। पुलिसिया तामझाम मुझे अटपटा लगता है। पर मजबूरन उसमें रहना पड़ता था। कभी-कभी मैं नियम कानून तोड़कर कार से उतर जाता था। भीड़ में जाकर लोगों से हाथ मिला लेता था।

बकौल मोदी, “एक दिन अतुल करवल ने मुझसे टाइम लिया। मेरे चैंबर में मिलने आए और अपनी नाराजगी जाहिर की। वह काफी जूनियर थे और यह 20 साल पहले की बात है। आंखों में आंख मिलकर उन्होंने मुझसे कहा कि “आप (मोदी) ऐसे नहीं जा सकते। कार से नहीं उतर सकते। मैंने कहा- मेरी जिंदगी के तुम मालिक हो क्या? तुम तय करोगे क्या कि मुझे क्या करना है और क्या नहीं। हालांकि, वह जरा भी डिगे नहीं। न हिले। बोले- साहब, आप व्यक्तिगत नहीं हैं। आप राज्य की सपंत्ति हैं। मेरी इस संपत्ति को संभालना जिम्मेदारी है। आपको नियमों का पालन करना पड़ेगा…यह मेरा आग्रह है और मैं नियमों का पालन कराऊंगा।”

उन्होंने आगे बताया, “मैं कुछ नहीं बोला। लोकतंत्र और जन प्रतिनिधि का सम्मान भी था लेकिन अपनी ड्यूटी के संबंध में बहुत ही विनम्र तरीके से अपनी बात रखने का तरीका भी था। मेरे मुख्यमंत्री के नाते जीवन के शुरुआती कालखंड थे। पर वह घटना आज भी मेरे मन में स्थिर है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक पुलिस अफसर ने जिस तरीके से और जिस दृढ़ता से बात रखी थी, मैं मानता हूं कि हर पुलिस का जवान यह काम कर सकता है। हमें इन बातों को देखना होगा।”

करवल ने अंत में उस वाकये को लेकर भी पीएम से कुछ कहा था। देखिए, वह क्या बोले थेः

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