Jalandhar Blast News: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है और पंजाब समेत देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। संजय सिंह ने हाल ही में पंजाब में हुए विस्फोटों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के बाद जिस तरह की राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है, वह कई पुराने मामलों की याद दिलाती है।
संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “2017 के चुनाव के पहले जब वहां पर अकाली दल और बीजेपी की सरकार थी तो ऐसा ही ब्लास्ट कराया गया था। उसका कोई भी अता-पता नहीं चला है। लेकिन उस समय भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल का शासन था। अब जब ये ब्लास्ट हुआ है तो ये बंगाल के चुनाव के तुरंत बाद बीजेपी कह रही है कि अब हमारा मिशन पंजाब है।”
बीजेपी का मिशन पंजाब क्या है- संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के सांसद ने आगे कहा, “बीजेपी का मिशन पंजाब क्या है, ब्लास्ट कराना और वहां के अमन-चैन को खराब करना और नफरत फैलाना। इनका यही मिशन होता है। अब कल से कह रहे हैं कि हम को आईएसआई से कैसे जोड़ दिया। अरे भाजपाइयों तुम्हारा इतिहास है आईएसआई के साथ। पुलवामा का ब्लास्ट हुआ और हमारे जवान मारे गए। 350 किलो आरडीएक्स हिंदुस्तान की सीमा में कैसे आया। आज तक इसका पता नहीं चला।”
संजय सिंह ने किया ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
संजय सिंह ने कहा, “पहलगाम के अंदर हमारी बहनों के माथे के सिंदूर उजाड़े गए। उसको लेकर ऑपरेशन सिंदूर भी हो गया। लेकिन आज तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला कि वहां से सुरक्षा किसके आदेश से हटाई गई थी। इस देश में किसका शासन है। जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था किसके हाथ में है। भारतीय जनता पार्टी के हाथ में कानून-व्यवस्था है। वहां पर सुरक्षा हटा ली गई और आतंकवादी आते हैं और लोगों को मारकर चले जाते हैं। हमारी बहनों के माथे के सिंदूर उजाड़ दिए जाते हैं। लेकिन आज तक इस सवाल का जवाब नहीं मिला।”
संजय सिंह ने कहा कि पिछले तीन साल से मणिपुर जल रहा है चुनाव के बाद बंगाल में हिंसा उग्र हो गई है और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी कहती है कि अगला नंबर पंजाब है।
पंजाब में बढ़ीं आतंकी गतिविधियां
पंजाब में पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियां जिस तरह से बढ़ रही हैं, वह बड़े खतरे की ओर इशारा करती हैं। बीते दस दिनों के भीतर राज्य में तीन बम धमाकों ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है। अब तक की जांच-पड़ताल के निष्कर्षों की जो तस्वीर सामने आई है, उससे इस बात के साफ संकेत मिलते हैं कि उग्रवाद का कठिन दौर झेल चुके इस राज्य में खालिस्तान समर्थक आतंकी तंत्र फिर से सिर उठाने लगा है। जलंधर और अमृतसर में मंगलवार रात हुए दो सिलसिलेवार विस्फोटों ने राज्य की सुरक्षा एजंसियों की सतर्कता और खुफिया चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
