Ram Mandir Donation Row: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए दान में कथित हेराफेरी को लेकर चल रहे विवाद पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी अयोध्या में बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए पैसे के बारे में नहीं पूछ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “मैं पूछता हूं कि बाबरी मस्जिद का चंदा इकट्ठा हुआ था, उसके बारे में पूछो, उसके बारे में कोई पूछ रहा है। ये समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के लोग तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं। ये केवल मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए सनातन संस्कृति पर हमले कर रहे हैं।”
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा, “हमारी सरकार की भ्रष्टाचार और कदाचार पर जीरो-टॉलरेंस की नीति है। लेकिन बाबरी मस्जिद के चंदे का क्या हुआ, उस पर पूछो। हम आपसे पूछ रहे हैं कि आप पुलिस हैं या हम पुलिस हैं। प्रशासन निष्पक्षता के साथ में जांच कर रहा है। ये मदरसों में जो अवैध संचालन हो रहा है, बाहर से पैसे आ रहे हैं, टेरर-फंडिंग हो रही है, जो बॉर्डर के हमारे जिले हैं, वहां पर मदरसों में क्या हो रहा है। मौलाना लोग क्या कर रहे हैं, उस पर विचार करें। जांच हो रही है, हमने ऐसे मदरसों को बंद भी किया है। समाजवादी पार्टी से किसी मदरसे के बारे में कोई सवाल पूछा है क्या।”
अखिलेश यादव ने उठाया था राम मंदिर दान विवाद का मुद्दा
यह विवाद सात जून को तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने यह मुद्दा उठाया। ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एक एसआईटी का गठन किया गया और उसने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। 25 जून की रात प्राथमिकी दर्ज की गई और अयोध्या पुलिस ने अगले दिन सभी आठ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है।
कौन हैं चंपत राय?
1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जन्मे चंपत राय का सामाजिक-धार्मिक राजनीति से जुड़ाव बहुत पहले ही शुरू हो गया था। पेशे से केमिस्ट्री के लेक्चरर रहे राय ने अपना एकेडमिक करियर छोड़कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए पूर्णकालिक प्रचारक (स्वयंसेवक) बनने का फैसला किया। उनकी प्रशासनिक समझ और विचारधारा के प्रति गहरी निष्ठा ने जल्द ही वरिष्ठ नेतृत्व का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़ गए और आखिरकार अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद तक पहुंचे।
1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में राम जन्मभूमि आंदोलन के चरम पर अयोध्या के साथ राय का गहरा जुड़ाव बना। ज़मीन विवाद से जुड़े कानूनी और ऐतिहासिक पहलुओं की गहरी समझ और हर बारीक जानकारी को व्यवस्थित ढंग से रखने की उनकी काबिलियत के कारण, वे इलाहाबाद हाई कोर्ट और भारत के सुप्रीम कोर्ट में चली लंबी कानूनी लड़ाइयों के दौरान एक अहम कोऑर्डिनेटर बन गए। जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया, तो केंद्रीय कैबिनेट ने उन्हें शक्तिशाली ‘तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का पहला जनरल सेक्रेटरी चुना। इस तरह, प्रोजेक्ट के रोज़मर्रा के कामकाज और भारी-भरकम फंड के प्रबंधन की सीधी जिम्मेदारी उनके हाथों में आ गई।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पूर्व मु्ख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा और यूपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल पर लिखा कि अब भाजपा के साम्राज्य का अंत होगा। सपा प्रमुख ने यह पोस्ट राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद किया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
