भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई के उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के रोड शो की वजह से बदायूं में शुक्रवार को कथित तौर पर ट्रैफिक जाम हो गया। इस कारण सियासी विवाद पैदा हो गया। कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि वे यूपीटीईटी की दूसरी शिफ्ट में पेपर नहीं दे पाए।

जिला प्रशासन ने भी इस बात को माना कि कुछ उम्मीदवार अपने परीक्षा केंद्रों पर सही वक्त पर नहीं पहुंच पाए। प्रशासन ने कहा कि वह राज्य सरकार को पत्र लिखकर उन्हें फिर से पेपर देने की इजाजत देने का आग्रह करेगा। डीएम अविनाश कुमार राय ने कहा कि ट्रैफिक डायवर्जन के बाद भारी बारिश और बीजेपी नेता के काफिले की वजह से ट्रैफिक पर असर पड़ा। इसकी वजह से अभ्यर्थी परीक्षा देने से चूक गए।

राय ने कहा, ”हम राज्य सरकार से पत्र-व्यवहार करेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि जो अभ्यर्थी देरी के कारण उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें एक और अवसर दिया जाए।” जब डीएम से सवाल किया गया कि क्या रोड शो की इजाजत दी गई थी तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई है।

कितने उम्मीदवार उपस्थित हुए

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहली शिफ्ट में 5639 अभ्यर्थियों में से 4875 उपस्थित हुए, जबकि 764 अनुपस्थित रहे । दूसरी शिफ्ट में 5639 अभ्यर्थियों में से 4,455 उपस्थित हुए और 1184 अनुपस्थित रहे यानी पहली शिफ्ट के मुकाबले दूसरी शिफ्ट में 420 ज्यादा अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

हालांकि, प्रशासन ने ज्यादा अनुपस्थिति के लिए केवल ट्रैफिक जाम को जिम्मेदार नहीं ठहराया। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे वीआईपी मूवमेंट के कारण बरेली-बदायूं रोड पर घंटों फंसे रहे और रिपोर्टिंग समय सीमा से पहले अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके।

बीजेपी नेता के रोड शो की वजह से जाम में फंसी रहीं- उम्मीदवार

प्रभावित उम्मीदवारों में से एक ने मीडिया को बताया कि वह बीजेपी नेता के रोड शो के कारण लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही और समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सकी। उसने कहा कि उसका परीक्षा केंद्र नैनीताल रोड पर एक इंटर कॉलेज था और उसके साथ यात्रा कर रही दो अन्य महिला अभ्यर्थी भी परीक्षा देने से चूक गईं।

उसके अनुसार, कथित तौर पर रोड शो के कारण हुई ट्रैफिक भीड़ में आठ से दस महिला अभ्यर्थी फंसी हुई थीं। अभ्यर्थी ने अधिकारियों से उन लोगों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की अपील की, जो ट्रैफिक के कारण परीक्षा देने से चूक गए। उसने निराशा और असहायता व्यक्त करते हुए कहा,”अब हम और क्या कर सकते हैं?”

समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सरकार पर अभ्यर्थियों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया और मांग की कि जो लोग टैफिक की भीड़ के कारण परीक्षा देने से चूक गए, उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद एक और मौका दिया जाए। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं के दिनों में राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न देने का भी आग्रह किया।

भारी बारिश की वजह से ट्रैफिक पहले ही प्रभावित था

वरिष्ठ एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि भारी बारिश और ओवरब्रिज पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण ट्रैफिक पहले से ही प्रभावित था, जिससे वाहनों को अंडरपास का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि शाक्य का काफिला दोपहर करीब 2.30 बजे शहर में दाखिल हुआ, जिससे भीड़ बढ़ गई, जबकि पुलिस ने सामान्य यातायात बहाल करने के प्रयास जारी रखे।

इन आरोपों को खारिज करते हुए कि अकेले उनके रोड शो के कारण समस्या पैदा हुई, शाक्य ने कहा कि वह पहली पाली शुरू होने के बाद करीब 10.40 बजे अपने आवास से निकले थे और परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को ले जाने वाले ट्रैफिक को गुजरने की अनुमति देने के लिए उन्होंने अपने काफिले को दो जगहों पर रोका।

उन्होंने कहा कि बरेली-बदायूं मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के काम और बारिश के कारण पहले ही ट्रैफिक धीमा हो गया है और जाम के लिए केवल उनके काफिले को दोष देना अनुचित होगा। उत्तर प्रदेश के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर दो से चार जुलाई तक आयोजित यूपी टीईटी-2026 में लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे।

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