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पश्चिम बंगाल चुनाव: पुलिसवालों, चुनाव अधिकारियों के सामने ही लग रहे थे वोट के ठप्पे, वायरल हुआ वीडियो

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि इस सेंटर पर किशनगंज ब्लॉक के 112 ग्राम पंचायत, 21 पंचायत समिति और दो जिला परिषद सीटों पर डाले गए वोटों की गिनती होनी थी। लेकिन जिस तरह से यहां हंगामा और गैरकानूनी तरीके से वोट डाले गए यह लोकतंत्र के लिए एक बुरा दिन है।

मतगणना केंद्र पर ठप्पे लगाता युवक। फोटो सोर्स -Indian Express

पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में हिंसा और कई और दूसरी तरह की गड़बड़ियों की कई शिकायतें अब तक आई हैं। इस बीच नादिया जिले के मतगणना केंद्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक शख्स मतगणना केंद्र पर पुलिसवालों और चुनाव अधिकारियों के सामने ही वोट के ठप्पे लगा रहे हैं। यह वीडियो नादिया जिले का है।  निलाद्री सुकुल नाम के एक निर्दलीय उम्मीदवार का कहना है कि वो यहां से टीएमसी उम्मीदवार से करीब 220 वोटों से आगे चल रहे थे, लेकिन तभी मतगणना केंद्र पर अचानक तृणमूल कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने हमला कर दिया और उन्हें धक्के देकर वहां से निकाल दिया गया। मैंने उन लोगों को गलत तरीके से वोट करते देखा है। इनका आरोप है कि वो लोग स्टाम्प अपने साथ लेकर आए थे और फिर एक के बाद बैलेट पेपर पर वो धड़ाधड़ स्टाम्प लगाने लगे। यह भी आरोप है कि वो लोग वहां से कुछ बैलेट पेपर लेकर भी चले गए।

इस मामले पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि इस सेंटर पर किशनगंज ब्लॉक के 112 ग्राम पंचायत, 21 पंचायत समिति और दो जिला परिषद सीटों पर डाले गए वोटों की गिनती होनी थी। लेकिन जिस तरह से यहां हंगामा और गैरकानूनी तरीके से वोट डाले गए यह लोकतंत्र के लिए एक बुरा दिन है। नादिया जिले से बीजेपी अध्यक्ष महादेव सरकार ने कहा है कि यह निंदनीय है उन्होंने आरोप लगाया कि पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका और अब बूथ पर आतंक फैलाने का काम कर रहे हैं।

इस चुनाव में राज्य के अलग-अलग जिले से कई बूथों पर मारपीट की खबरें भी आईं। हालांकि नादिया जिले के टीएमसी अध्यक्ष गौरी शंकर दत्ता ने कहा कि टीएमसी इस घटना घटना की निंदा करती है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी और अगर वीडियो में दिख रहा शख्स हमारी पार्टी का है तो उसपर कड़ी कार्रवाई होगी।

यहां लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में करीब 1 घंटे तक यह सब चलता रहा। उनके मुताबिक बाद में वहां भारी संख्या में पुलिस बल पहुंची और फिर लोगों को वहां से हटाने के लिए लाठी चार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने भारी जीत हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यहां दूसरे नंबर पर रही है।

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