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‘राष्‍ट्रवादी पत्रकारों’ को सम्‍मान‍ित करेगा आरएसएस से जुड़ा संगठन

आरएसएस से जुड़े संगठन विश्व संवाद केंद्र के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी होंगे।

Author Published on: May 9, 2017 8:36 PM
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का मुख्यालय महाराष्ट्र के नागपुर में है। (Photo: Indian Express)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा संगठन पश्चिमी बंगाल में पत्रकारों को सम्मानित करेगा। संघ के मुताबिक, 13 मई को नारद जयंती पर राज्य में राष्ट्रवादी पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। इसी दिन सोशल मीडिया के भी किसी ग्रुप के एक एडमिन को भी पुरस्कार दिया जाएगा। आरएसएस से जुड़े संगठन विश्व संवाद केंद्र के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी होंगे। हालांकि केसरी नाथ त्रिपाठी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। वह कार्यक्रम में जाएंगे या नहीं इस पर असमंजस है। विश्व संवाद केंद्र के संयोजक और साउथ बंगाल के मीडिया प्रभारी बिपबद रॉय ने इंडियन एक्सप्रेस को संकेत दिए हैं कि किस तरह के पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कालिचक और धुलागढ़ में पत्रकारों द्वारा दिखाया गए साहस का सम्मान किया जाना चाहिए। वे कठिनाइयों का सामना करते हैं और सत्य की रिपोर्ट करने के लिए हिंसा का सामना करते हैं। सच्ची पत्रकारिता हमेशा राष्ट्रवाद को मजबूत करती है।

बिपबद रॉय ने बताया कि दो पत्रकारों और एक किसी सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन को पत्रकारिता और राष्ट्रवाद में उसकी भूमिका के लिए अवार्ड दिया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो हर साल यह तय करेगी कि किन पत्रकारों को अवार्ड दिया जाना है। रॉय ने कहा कि संघ पत्रकारों से मुखातिब होने के लिए उत्सुक है ताकि उनको इसके बारे में पता चल सके। कुछ लोग इस बारे में जानते हैं कि संघ पश्चिमी बंगाल में कुछ सोशल एक्टिविस्ट के साथ काम कर रहा है। गांव के स्तर पर हमारे सेवा केंद्र बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।

3 जनवरी को माल्दा जिले के कालिचक के एक थाने में आग लगा दी थी। यह आग एक हिंदू महासभा के नेता द्वारा पैगंबर पर टिप्पणी करने के बाद लगाई गई थी। इसके बाद बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया था कि इन लोगों में ज्यादातर लोग अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी हैं। वहीं धौलागढ़ में सामप्रदायिक हिंसा के बाद 65 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर एक खास समुदाय के प्रति तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था।

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