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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों में बीजेपी ने बदली रणनीति, उतारे 850 मुस्लिम उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहती तो पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्र के चुनाव में 2,000 से अधिक संख्या में अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे होते।

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्‍यक्ष दिलीप घोष। (Photo: PTI)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव लाते हुए पश्चिम बंगाल नगर विकाय चुनावों में बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को उतारा है। 14 मई को होने वाले चुनावों के लिए बीजेपी ने कुल 850 मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाया है। पांच साल पहले बीजेपी ने साल 2013 के चुनावों में मात्र 100 मुस्लिमों को ही उम्मीदवार बनाया था। इधर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी की इस कोशिश को छलावा करार दिया है और उसे खास महत्व नहीं दिया है। तृणमूल का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदाय का आज भी ममता बनर्जी पर भरोसा बरकरार है।

टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘‘अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को हम पर पूरा भरोसा है। भाजपा अल्पसंख्यकों का नामांकन कर रही है और राज्य में दंगों को हवा दे रही है।’’ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने 2016 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया जब पार्टी की 294 उम्मीदवारों की सूची में महज छह उम्मीदवार ही मुस्लिम थे। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी की सियासी रणनीति में यह एक बड़ा बदलाव है, अब वह अधिक संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को उतार रही है।’’ भाजपा की राज्य इकाई के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली हुसैन ने कहा, ‘‘जाहिर तौर पर पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में हमें अल्पसंख्यक समुदाय तक संपर्क कायम करना होगा क्योंकि यहां लगभग 30 फीसदी आबादी मुस्लिम है। मुस्लिम समुदाय भी अब समझ चुका है कि भाजपा उनकी शत्रु नहीं है जैसा तृणमूल और अन्य दलों द्वारा दिखाया जाता है। ’’

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहती तो पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्र के चुनाव में 2,000 से अधिक संख्या में अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे होते। उन्होंने कहा, ‘‘हमने टिकट धर्म या जाति के आधार पर नहीं बल्कि ‘जीतने की क्षमता’ के आधार पर दिए हैं।’’ पार्टी के सूत्रों के मुताबिक पिछले वर्ष भाजपा का दामन थामने वाले तृणमूल के पूर्व नेता मुकुल रॉय ने उम्मीदवारों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह भी सुनिश्चित किया है कि चुनाव में सर्वाधिक संख्या में मुस्लिम उम्मीदवार भाजपा की ओर से ही उतारे जाएं।

पश्चिम बंगाल निर्वाचन विभाग सूत्रों के मुताबिक 3358 ग्राम पंचायतों की कुल 48 हजार 650 सीटों में से 16 हजार 814 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुए जबकि 341 पंचायत समिति की कुल 9 हजार 217 सीटों में से तीन हजार उनसठ पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसी तरह 20 जिला परिषद की 825 में से 203 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो चुके हैं। बाकी बची सीटों पर 14 मई को वोट डाले जाएंगे।

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