ताज़ा खबर
 

चुनाव के दौरान रैली में फोन कॉल पर बयान दे फंसे सुवेंदु अधिकारी, ममता के भतीजे की जासूसी करने का आरोप

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कहा, "हमने अधिकारी के खिलाफ मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास सभी कॉल रिकॉर्ड हैं। चूंकि वह कानून लागू करने वाली एजेंसियों में काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनके पास यह नहीं होना चाहिए।"

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

पेगासस स्पाईवेयर से कथित जासूसी गतिविधियां अंजाम दिए जाने को लेकर विवाद के बीच पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शुभेंदु अधिकारी तब विवादों में फंस गए जब उन्होंने कहा कि उनके पास पूर्वी मेदिनीपुर जिला पुलिस अधीक्षक के कॉल का ब्योरा है। राज्य पुलिस ने इसका स्वत: संज्ञान लेते हुए मंगलवार को अधिकारी के खिलाफ तमलुक थाने में मामला दर्ज किया।

अधिकारी ने ने पूर्वी मेदिनीपुर के पुलिस प्रमुख अमरनाथ के. को ऐसा कुछ करने से परहेज करने की चेतावनी दी जिससे उनका स्थानांतरण कश्मीर के अनंतनाग या बारामूला हो जाए। उनकी टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए जिला पुलिस ने भाजपा विधायक और उनके 14 सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक मामला आपदा प्रबंधन कानून के तहत और एक मामला लोक सेवक को उसके कर्तव्य के पालन से रोकने के प्रयास का भी है।

अधिकारी ने सोमवार को पार्टी की बैठक में पुलिस अधीक्षक (एसपी) को संदेश देते हुए कहा, “फर्जी मामले दर्ज नहीं करें। मेरे पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि वे फर्जी हैं। मैं इस तरह के आरोपों के संबंध में सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए जनहित याचिका दाखिल करूंगा।” उन्होंने कहा, “ऐसा कुछ भी न करें जिससे आपका स्थानांतरण कश्मीर के अनंतनाग या बारामूला में हो जाए।” नंदीग्राम विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके पास मुख्यमंत्री के “भतीजे (तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी) द्वारा की गई कॉल का ब्योरा है और कहा कि अगर आपको राज्य सरकार का समर्थन प्राप्त है तो हमारे साथ केंद्र सरकार है।”

संपर्क किए जाने पर जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कहा, “हमने अधिकारी के खिलाफ मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास सभी कॉल रिकॉर्ड हैं। चूंकि वह कानून लागू करने वाली एजेंसियों में काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनके पास यह नहीं होना चाहिए।”

कथित तिरपाल चोरी से संबंधित मामला समेत कई पुलिस जांचों का सामना कर रहे शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अच्छा होगा कि पुलिस अधिकारी ईमानदारी से अपना कार्य करें। अधिकारी के बयान के बाद राज्य में घमासान शुरू हो गया है। टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी को तुरंत गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। उन्होंने साबित कर दिया है कि अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों की जासूसी करने के लिए पेगासस का इस्तेमाल किया जाता था। यह एक जघन्य अपराध है। केंद्र अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है।”

हालांकि, अधिकारी के समर्थन में आते हुए प्रदेश भाजपा ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो टीएमसी नेता मुकुल रॉय को भी गिरफ्तार करना चाहिए। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “भाजपा से जुड़ने के बाद मुकुल रॉय ने कहा था कि टीएमसी नेतृत्व वाली सरकार ने उनके फोन टैप कराए थे। उनका बयान सच था या गलत?” रॉय 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले महीने रॉय फिर से टीएमसी में लौट गए।

Next Stories
1 अब देशभर में छाने वाली है ममता बनर्जी की टीएमसी? बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर दिखेंगी बंगाल की सीएम
2 इस्तीफे के बाद फेसबुक पर छलका बाबुल सुप्रियो का दर्द, बोले-खुद के लिए दुखी
3 राजनाथ से लेकर सुषमा तक को देखा, पर नहीं ऐसी बीजेपी… असेंबली में बवाल पर छलका ममता का दर्द
यह पढ़ा क्या?
X