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मालदा रेल डिवीजन में आरपीएफ ने चलाया ‘आपरेशन थ्रस्ट’, नकली ब्रांड की 1261 बोतलें जब्त, 17 गिरफ्तार

हालांकि, आरपीएफ ने ऐसी कार्रवाई पहली दफा की है। जबकि स्टेशन परिसर के स्टालों, ट्रेनों में अवैध वेंडरों और पैंट्रीकार के वैध वेंडर भी रेल नीर, बिसलरी जैसे ब्रांडेड पानी की बोतलों के बजाए घटिया किस्म के पीने के पानी की बोतलों की शिकायत पहले भी होती रही हैं।

आरपीएफ महानिदेशक से मिले गुप्त दिशानिर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

मालदा रेल डिवीजन के स्टेशनों पर सोमवार (8 जुलाई) को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने “आपरेशन थ्रस्ट ” चलाया। इस अभियान के तहत सील बंद नकली ब्रांड के पानी बोतलें जब्त की गईं। जिसमें घटिया ब्रांड पानी की 1261 बोतल जब्त की गईं। इसके साथ ही ओर 17 अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी मालदा आरपीएफ कमांडेंट ने दी है। बताया गया कि इसमें से 318 पानी की बोतल भागलपुर स्टेशन पर जब्त की गईं और चार अवैध हॉकरों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ भागलपुर के इंस्पेक्टर एके सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार अवैध हॉकरों को रेलवे कानून की दफा 144/147 के तहत कार्रवाई करते हुए रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर सिंह के मुताबिक, आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार के आदेश पर सोमवार को यह अभियान चलाया गया। जिसका नेतृत्व मालदा रेल डिवीजन के (आरपीएफ ) सुरक्षा आयुक्त लोबो फ्रंसिस सायरिल ने किया। जिसमें आरपीएफ भागलपुर के वरीय सुपरिटेंडेंट एके सिंह के अलावे सभी अधिकारियों व सुरक्षा बलों ने सहयोग किया।

भागलपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि इस सिलसिले में गिरफ्तार अवैध हॉकर की शिनाख्त मो. असरफ , मो.चांद, बिपिन कुमार और संजय यादव के तौर पर हुई है।पीने के पानी की बिना ब्रांड वाली बोतलें स्टेशन परिसर स्थित भोजनालय, स्टाल और अवैध हॉकरों के जरिए ट्रेन मुसाफिरों से ब्रांड वाली बोतलों के बराबर पैसे लेकर धड़ल्ले से बेचने की शिकायत मिल रही थी। इसी के मद्देनजर आरपीएफ महानिदेशक से मिले गुप्त दिशानिर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

हालांकि, आरपीएफ ने ऐसी कार्रवाई पहली दफा की है। जबकि स्टेशन परिसर के स्टालों, ट्रेनों में अवैध वेंडरों और पैंट्रीकार के वैध वेंडर भी रेल नीर, बिसलरी जैसे ब्रांडेड पानी की बोतलों के बजाए घटिया किस्म के पीने के पानी की बोतलों की शिकायत पहले भी होती रही हैं। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दरअसल जानकार बताते है कि इन घटिया ब्रांड की बोतलों में बगैर ट्रीटमेंट किए बोरिंग का पानी सील बंद कर बेचा जाता है। भागलपुर में ऐसे प्लांट आजकल घर घर खुले है। डीप समरसेबुल बोरिंग करवा रिहायशी मोहल्लों के पानी को भी ये सोख ले रहे है। मोहल्ले वाले पानी की किल्लत झेल रहे है और ये पानी बेच मालामाल हो रहे है। जिसपर अंकुश लगाने की जरूरत सभी महसूसते है।

घटिया ब्रांड के बोतल बंद पानी के खिलाफ आरपीएफ के चलाए अभियान के तहत पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर सघन छापेमारी की गई। जिसमें 141 अवैध वेंडरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। और इनके पास से 4292 पानी की बोतलें जब्त की गई। यह काम रेलवे बोर्ड ने मुसाफिरों के सेहत की हिफाजत के ख्याल से कराया है।

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