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नारद स्टिंग मामला: ईडी ने 13 टीएमसी नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया

पश्चिम बंगाल में 2016 विधानसभा चुनाव से पहले समाचार चैनलों पर प्रसारित की गई नारदा स्टिंग टेप में वरिष्ठ टीएमसी नेताओं जैसे दिखने वाले लोग कथित तौर पर रुपये लेते हुए दिख रहे थे।

Author April 28, 2017 4:42 PM
नारद स्टिंग में फंसे टीएमसी नेता।

ईडी ने कथित तौर पर पैसे लेते हुए कैमरे में पकड़े गए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों और मंत्रियों समेत कई नेताओं से जुड़े नारदा स्टिंग के संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया है। ईडी अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच करेगी और आरोपियों को पूछताछ के लिए जल्द ही समन भेजेगी।

सीबीआई की आपराधिक प्राथमिकी में टीएमसी के 13 नेताओं के नाम दर्ज हैं। सीबीआई ने राज्यसभा सदस्य मुकुल रॉय, लोकसभा सांसद सुल्तान अहमद, सौगत रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और अपरूपा पोद्दार समेत अन्यों के खिलाफ कथित आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।

पश्चिम बंगाल में 2016 विधानसभा चुनाव से पहले समाचार चैनलों पर प्रसारित की गई नारदा स्टिंग टेप में वरिष्ठ टीएमसी नेताओं जैसे दिखने वाले लोग कथित तौर पर रुपये लेते हुए दिख रहे थे। इस वीडियो में तृणमूल कांग्रेस को कोई दर्जन भर सांसदों, मंत्रियों व नेताओं को रिश्वत के तौर पर लाखों की रकम लेते दिखाया गया था। ममता सरकार ने इसे फर्जी करार देते हुए स्टिंग करने वाले नारदा न्यूज के सीईओ मैथ्यू सैमुएल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। हालांकि हाईकोर्ट ने सैमुएल को राहत दे दी है।

केंद्रीय फोरेंसिक लैबोरेटरी में जांच से वीडियो फुटेज की सच्चाई भी साबित हो गई थी, लेकिन तब सरकार व पार्टी लगातार इस वीडियो को फर्जी बताती रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई उसके नेताओं के निशाना बनाने के लिए मोदी सरकार की तरफ से काम कर रही है।

बता दें कि नारद स्टिंग मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि इस मामले की जांच सीबीआई नहीं करे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। इससे पहले बीती जनवरी में हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजंसी को सौंपने का संकेत दिया था। हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश निशिता म्हात्रे ने कहा कि नारदा स्टिंग मामले में उपलब्ध सबूतों को देखते हुए इस मामले की गहन जांच जरूरी है। अब तक राज्य पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी।

ममता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि कि राज्य पुलिस ऐसे मामलों की जांच के लिए पूरी तरह सक्षम है। लेकिन उसे काम नहीं करने दिया गया।

देखिए वीडियो - बीजेपी यूथ विंग के नेता ने कहा- "ममता बनर्जी का सिर काटकर लाने वाले को 11 लाख रुपए दूंगा"

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