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मुसलमान गुंडों ने हिंदुओं को घर से खींच कर निकाला- सांप्रदायिक हिंसा पर लगातार ट्वीट कर रहे हैं केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो

रानीगंज हिंसा के अगले दिन बाबुल ने यह भी लिखा है, "हमारे संसदीय क्षेत्र आसनसोल का हाल यह है कि दर्जन भर मुसलमान गुंडे मेटाडोर और कार में भरकर आए और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। हिन्दुओं को पकड़-पकड़कर घरों से निकाला और उनके साथ मारपीट की और तलवार से उन्हें घायल कर दिया।

गुरुवार (29 मार्च) को आसनसोल पुलिस ने केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को आसनसोल में घुसने से रोक दिया (फोटो-पीटीआई)

पिछले सोमवार (26 मार्च) को रामनवमी पर पश्चिम बंगाल के वेस्ट बर्दमान जिले के रानीगंज में फैली साम्प्रदायिक हिंसा के बाद से अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। इस बीच केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो लगातार ट्वीट कर इस मामले को और भड़काने की कोशिश करते रहे हैं। सुप्रीयो लगातार टीएमसी नेताओं पर आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं। 25 मार्च को बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट कर कहा था, “टीएमसी के गुंडों ने विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमला बोला और रामनवमी के लिए बने स्टेज को आग लगा दिया। कृपया लोग हैशटैग ममता रामनवमी के खिलाफ लिखकर ट्वीट करें।” इसके अगले दिन यानी रामनवमी के दिन लिखा, “रानीगंज में अल्पसंख्यक समुदाय के गुंडे हाथों में तलवार लेकर दुकानों को आग लगा रहे हैं और लोगों को घायल कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस स्थानीय लोगों की शिकायत पर कुछ कार्रवाई नहीं कर रही है।” उन्होंने लिखा कि इससे आम लोगों में खौफ है।

इसके अगले दिन बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट किया, “रानीगंज-आसनसोल में दंगे के हालात की वजह से स्थानीय लोग घर-बार छोड़कर जा रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता उन्हें समझा बुझाकर वहीं रोकने की कोशिश कर रहे हैं।” बता दें कि बाबुल सुप्रियो को गुरुवार (29 मार्च) को पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में तब गिरफ्तार कर लिया था जब वो आसनसोल के रानीगंज में घुसने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने सीनियर आईपीएस अफसर रुपेश कुमार पर हमला किया है।

रानीगंज हिंसा के अगले दिन बाबुल ने यह भी लिखा है, “हमारे संसदीय क्षेत्र आसनसोल का हाल यह है कि दर्जन भर मुसलमान गुंडे मेटाडोर और कार में भरकर आए और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। हिन्दुओं को पकड़-पकड़कर घरों से निकाला और उनके साथ मारपीट की और तलवार से उन्हें घायल कर दिया। कई लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन को गंभीर हालत में दुर्गापुर मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

बाबुल ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के इशारे पर उन्हें जानबूझकर उनके संसदीय क्षेत्र में नहीं जाने दिया गया। सुप्रियो का तर्क था कि स्थानीय सांसद होने की वजह से उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वो मुसीबत में पड़े लोगों की मदद करें लेकिन पुलिस ने जाने नहीं दिया। सुप्रियो ने गुरुवार को भी लिखा, “रानीगंज के लोगों पर हमले हो रहे हैं। पुलिसबल भी बहुत कम है और वो सभी जख्मी हैं लेकिन ममता सरकार ने सिर्फ दो दिन से इंटरनेट सेवा बंद कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली है ताकि गुंडे बिना इंटरनेट के सड़कों और गलियों में बम और हथियार निकाल सकें।”

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