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बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी के मौके पर भारी हिंसा, CM ने पूछा- ‘राम ने कहा है पिस्तौल रखने के लिए’

तस्वीरों में नजर आ रहा है कि किस तरह से बेकाबू भीड़ इधर-उधर दौड़ रही है और बेबस पुलिसवाले डंडे के सहारे भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं। इधर रानीगंज में भी जमकर हंगामा हुआ है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में हुए हिंसा की खबरें मीडिया में छाई हुई हैं। मीडिया में चल रही तस्वीरें बयां करने के लिए काफी हैं कि कैसे एक के बाद एक राज्य में अलग-अलग जगहों पर रविवार को हंगामा बरपा। अब मुर्शिदाबाद और रानीगंज से हिंसा की खबरें आई हैं। रामनवमी के अगले दिन यानी सोमवार सुबह मुर्शिदाबाद में कुछ जगहों पर उपद्रवियों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की। इधर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार इस मामले में कड़ाई से कार्रवाई करेगी। ममता बनर्जी ने कहा कि क्या राम ने कहा है अपने पास पिस्तौल रखने को…? मुर्शिदाबाद से हिंसा की जो तस्वीरें विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाई जा रही हैं उनमें साफ नजर आ रहा है कि हथियारों से लैस भीड़ किस तरह थाने में घुस कर हंगामा कर रही है। तस्वीरों में नजर आ रहा है कि किस तरह से बेकाबू भीड़ इधर-उधर दौड़ रही है और बेबस पुलिसवाले डंडे के सहारे भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं।

इधर रानीगंज में भी जमकर हंगामा हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां दो संप्रदायों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद उग्र लोगों ने सड़क किनारे खड़ी मोटर साइकिलों को आग के हवाले कर दिया। कई जगहों पर पुलिस वालों पर हमला भी किया गया जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं। यहां आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में रामनवमी कभी भी एक बड़े त्योहार के तौर पर नहीं मनाया जाता है। लेकिन पिछले दो सालों से इस पर्व के दौरान बीजेपी राज्य में काफी सक्रिय रहती है। पार्टी रामनवमी के दौरान वहां रैलियां आयोजित कराती है इन रैलियों में तलवार और दूसरे खतरनाक हथियारों की खूब प्रदर्शनी भी होती है।

इधर रामनवमी के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे हंगामे से दुखी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल में काली पूजा, दुर्गा पूजा समेत कई दूसरे पर्व बड़ी ही शांति और सौहार्द भरे माहौल में मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में रामनवमी के मौके पर अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा। आपको बता दें कि रामनवमी पर्व के दौरान राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को सबसे पहले हिंसा की खबर पुरुलिया जिले से आई। बताया जा रहा है कि यहां एक संगठन ने बगैर प्रशासन से अनुमति लिए रैली आयोजित करने की कोशिश की। इस दौरान यहां हिंसा भड़क उठी और इस हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई। हिंसा के दौरान तीन पुलिसकर्मी जख्मी भी हो गए थे।

राजधानी कोलकाता में करीब 60 रैलियां आयोजित की गई थीं। इनमें से कई रैलियां प्रशासन से बिना अनुमति लिए ही आयोजित की गई थी। इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि ‘हमलोग यह पूजा सालों से मनाते आ रहे हैं और कोई हमें त्योहार मनानेे से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वो शांति व्यवस्था बनाए रखे’। आपको बता दें कि दिलीप घोष ने भी मिदनापुर में आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया था। इस रैली में भी लोग तलवार के साथ नजर आ रहे थे। हालांकि दिलीप घोष का कहना है कि उन्होंनेे इस रैली की अनुमति ली थी।

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