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नंदीग्राम चुनाव को ममता की चुनौती, हाईकोर्ट में लगाई याचिका

ममता का कहना है कि चुनाव आयोग ने ठीक से काम नहीं किया जिससे उन्हें जीतने के बाद हार का सामना करना पड़ा। ममता ने शुभेंदु की जीत पर सवाल उठाया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के पूर्व मंत्री से भाजपा नेता बने सुवेंदु अधिकारी। (फाइल फोटो)

नंदीग्राम में मिली हार ममता को लगातार साल रही है। आज उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी। ममता का कहना है कि चुनाव आयोग ने ठीक से काम नहीं किया, जिससे उन्हें जीतने के बाद हार का सामना करना पड़ा। ममता ने शुभेंदु की जीत पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को तय की है। उस दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि दो मई को घोषित परिणाम में ममता शाम को चार बजे विजयी घोषित कर दी गई थीं। अलबत्ता शाम को सात बजे जो खबर चुनाव आयोग से आई वो टीएमसी को सकते में डालने वाली थी। इसमें शुभेंदु को विजयी घोषित किया गया था। हालांकि सावर्जनिक मंच से ममता कई बार उस फैसले पर आपत्ति जता चुकी थीं। चुनाव आयोग को भी आधिकारिक तौर से शिकायत की गई थी, लेकिन अब ममता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

कोलकाता हाईकोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक जस्टिस कौशिक चंदा मामले की सुनवाई करेंगे। ममता का कहना था कि चुनाव आयोग से कई बार गुजारिश की गई कि दोबारा मतगणना कराई जाए, लेकिन उनकी बात को तवज्जो नहीं दी गई। लिहाजा उन्हें कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

बंगाल की राजनीति में लंबे समय से भूचाल आया हुआ है। बीजेपी वहां लगातार अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में जब उसे कुछ कामयाबी मिली तो उसने बंगाल पर राज करने का सपना देखना शुरू कर दिया। अलबत्ता ममता ने बीजेपी को हाशिए पर ला खड़ा किया। हाल में हुए असेंबली चुनाव में जब टीएमसी की टैली फिर से 200 पार गई तो सभी भौचक गह गए। ममता ने पीएम मोदी और उनकी टीम का करारा जवाब दिया था।

बीजेपी को ये हार इस वजह से भी अखरी क्योंकि कोरोना संकट के बावजूद पीएम और उनकी टीम ने ममता के खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया था। नए कलेवर में ममता ने बीजेपी को हाशिए पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव बाद हिंसा हुई तो अब बीजेपी के नेता एक-एक करके टीएमसी के पाले में जा रहे हैं। बीजेपी के लोग ममता से गुहार लगा रहे हैं कि वो उन्हें माफी देकर वापस अपनी टीम में शामिल कर लें। फिलहाल मुकुल रॉय को ममता मे वापस अपने पास बुलाया है। कई मामले अभी पेंडिंग हैं।

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