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इमाम बरकती स्टिंग में फंसे, कहा- बीजेपी 5 करोड़ दे तो पांच लाख मुस्लिम वोट पक्‍के

एक समय में ममता के 'राखी भाई' के नाम से जाने वाले बरकती ने कहा कि ममता ने उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन कर दिया।

Author August 12, 2018 1:11 PM
पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ फतवा देने वाले बरकती ने कहा कि बंगाल में भावनाएं बदल गई हैं। बंगाल में मुस्लिम अब भाजपा का विरोधी नहीं रहा। वो सिर्फ अपने नेताओं का इंतजार कर रहे हैं जो उन्हें बताए कि मुस्लिमों को वोट किसे देना चाहिए। (PTI PHOTO)

स्वीटी कुमारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विश्वासपात्रों में से एक शाही इमाम नूर-उर रहमान बरकती ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि पार्टी (भाजपा) जब तक उन जैसे नेताओं (मुस्लिम नेताओं) को पैसा देती है वो तब तक भाजपा के लिए रैली कर सकते हैं। टाइम्स नाऊ द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद शाही इमाम ने संडे एक्सप्रेस से बात ये बात कही है। स्टिंग बीते शुक्रवार को एयर किया गया। इसमें इमाम कह रहे हैं, ‘मुस्लिम वोटों को पैसों से बदला जा सकता है। बंगाल में मुस्लिमों की भावना बदल गई है। अंदर ही अंदर लोग बीजेपी को प्यार करने लगे हैं। भाजपा अगर पांच करोड़ रुपए दे तो पांच लाख मुस्लिम वोटों का इंतजाम कर सकता हूं। राज्य में बीजेपी 22 सीटों का लक्ष्य रख रही है। मगर मैं बता रहा हूं कि भाजपा बंगाल में 28 सीटें जीतेगी। अगर पिछले चुनाव में मुसलमानों ने ममता को वोट नहीं किया होता तो वह क्या कर लेतीं। मैं मुस्लिमों की रैलियां निकालूंगा, अगर भाजपा मुझे पैसे देती है।’

स्टिंग मामले में बरकती से जब संडे एक्सप्रेस ने बात की तो उन्होंने अपना पुराना स्टैंड दोहराया। उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ा इमाम पैसा है। भाजपा के पास पैसा है। अगर वो बंगाल में पैसा खर्च करते हैं तो आप देखेंगे कैसे मुस्लिम वोट भाजपा के पक्ष में जाते हैं। कुछ भी मुफ्त में नहीं आता है।’ इस दौरान मुस्लिम नेता ने भविष्यवाणी की कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को दस फीसदी मुस्लिमों का वोट मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि ‘अगर भाजपा सभी तीस फीसदी मुसलमानों के वोट पाना चाहती है तो उन्हें पैसा खर्च करना होगा। मैं भाजपा के पक्ष में रैली कर सकता हूं और आसानी लोगों को भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए प्रभावित कर सकता हूं।’

एक समय में ममता के ‘राखी भाई’ के नाम से जाने वाले बरकती ने कहा कि ममता ने उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन कर दिया। बरकती ने कहा, ‘हर 21 जुलाई (शहीद डे रैली) को मुझे न्योता मिलता था। तब ममता और टीएमसी के लिए मेरी उपस्थिति बहुत जरूरी थी। लेकिन ऐसा पहली बार है जब मुझे न्योता नहीं दिया गया। इससे साफ है कि टीएमसी अब मुसलमानों की पार्टी के रूप में अपनी छवि नहीं बनाना चाहती है।’

पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ फतवा देने वाले बरकती ने आगे कहा कि बंगाल में भावनाएं बदल गई हैं। बंगाल में मुस्लिम अब भाजपा का विरोधी नहीं रहा। वो सिर्फ अपने नेताओं का इंतजार कर रहे हैं जो उन्हें बताए कि मुस्लिमों को वोट किसे देना चाहिए। अगर में मुस्लिम समुदाय से संपर्क करता हूं तो वो हमारी परिस्थितियों पर विचार करेंगे। मैं एक फतवा भी जारी कर सकता हूं जिसमें 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट करने के लिए कहा जाए। जैसे मैंने 2011 के चुनाव से पहले ममता बनर्जी के पक्ष में फतवा दिया था।

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