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पश्चिम बंगाल: भांगड़ में बढ़ते सन्नाटे के साथ तेज़ हुई राजनीति भी, हिंसा के बाद से इलाक़े के 18 युवक ग़ायब

पुलिस की कथित फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद अब इलाके में विपक्षी दलों के नेताओं के दौरे से राजनीति भी तेज होने लगी है।

Gujarat Election Result 2017: पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी। (File Photo)

महानगर से सटे दक्षिण 24-परगना जिले के भांगड़ में मंगलवार को हुई हिंसक झड़पों के बाद बुधवार (18 जनवरी) को सन्नाटा छाया रहा। इस दौरान शोक और शांति जुलूस तो निकाले गए। लेकिन अंदर ही अंदर लोगों में भारी असंतोष खदबदा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंगलवार (17 जनवरी) की हिंसा के बाद इलाके के कम से कम 18 युवक गायब हैं। पुलिस की कथित फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद अब इलाके में विपक्षी दलों के नेताओं के दौरे से राजनीति भी तेज होने लगी है। इसबीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक में परिस्थिति की समीक्षा की। ध्यान रहे कि एक पावर सब-स्टेशन के निर्माण और उसके लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध करने वाले लोगों पर पुलिस की कथित फायरिंग में मंगलवार को मोफिजुल अली खान और आलमगीर मौल्ला नामक दो लोगों की मौत हो गई थी।

एक आंदोलनकारी इस्माइल शेख ने बताया कि मंगलवार की फायरिंग के इलाके के कई गांवों से कम से कम 16 लोग गायब हैं। आंदोलन की अगुवाई करने वाली समिति ने ऐसे लोगों की एक सूची बनाई है। मुख्यमंत्री ने इलाके में परियोजना का काम बंद रखते हुए जबरन अधिग्रहण नहीं करने का भरोसा जरूर दिया है। लेकिन आंदोलनकारी मुख्यमंत्री के भांगड़ में आने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नहीं आने तक विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा। खेती की जमीन की रक्षा के लिए बनी समिति के एक सदस्य ने कहा कि हमें राज्य सचिवालय से की गई घोषणाओं पर भरोसा नहीं है। दीदी को यहां आकर परियोजना बंद करने का भरोसा देना होगा।

इसबीच, इलाके से सुरक्षा बलों को हटा लिया गया है। लेकिन गांव वालों ने ईंटें रख कर और पेड़ गिरा कर भांगड़ पहुंचने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके से पुलिस के जवानों को हटा लिया गया है। लेकिन हम इलाके की परिस्थिति पर नजदीकी निगाह रख रहे हैं। उधर, मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक सुरजीत पुरकायस्थ समेत दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में हालात की समीक्षा की। राज्य के बिजील मंत्री शोभनदेव चटर्जी ने कहा कि हालात सामान्य होने पर राज्य सरकार किसानों और उत्तेजित गांव वालों के साथ बैठक जरूर करेगी। उन्होंने भांगड़ में परिस्थिति सामान्य होने का दावा किया। क्या सरकार इस हिंसा में मरने वालों को मुआवजा देगी? इस सवाल पर बिजली मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर विचार कर रही हैं। वही इसका फैसला करेंगी।

दूसरी ओर, विपक्ष के नेताओं के दौरे के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने लगी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने बुधवार को वहां मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम व सिंगुर के किासन आंदोलन पर सवार होकर सत्ता तक पहुंचने वाली ममता ने अब भांगड़ के किसानों पर बंदुकें तान दी हैं। माकपा और भाजपा ने भी इस मामले में मममता बनर्जी की आलोचना की है। माकपा ने कहा कि एक दशक पहले ममता ने ही सिंगुर और नंदीग्राम के किसानों को भड़काया था। अब वे अपनी उसी करनी का फल भुगत रही हैं। भाजपा ने भी ममता की खिंचाई करते हुए कहा है कि अब उनको सिंगुर और नंदीग्राम का भूत सताने लगा है।

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