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WB SSC Scam: मंत्री की गिरफ्तारी के घंटों बाद टूटी ममता की चुप्पी, कहा- भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती

कोलकाताः ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि जो भी फैसला आए वो सच को परखने के बाद ही हो। अगर कोई दोषी मिलता है तो उन्हें गुरेज नहीं कि सजा उम्र कैद की ही क्यों न हो लेकिन फैसला एक तय समय के भीतर दिया जाए।

WB SSC Scam: मंत्री की गिरफ्तारी के घंटों बाद टूटी ममता की चुप्पी, कहा- भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई)

अपने भरोसेमंद मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के दो दिनों के बाद ममता बनर्जी की नींद आखिर टूट ही गई। वो बोलीं कि करप्ट लोगों का समर्थन कतई नहीं करतीं। उन्होंने साफ कर दिया कि वो इस मामले से कोसों दूर हैं। लेकिन उनका ये भी कहना था कि बीजेपी ये न समझे कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके वो उनकी पार्टी को तोड़ सकती है। अगर वो ऐसा समझ रहे हैं कि उन्हें मान लेना चाहिए कि ये केवल उनका मुगालता है।

ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि जो भी फैसला आए वो सच को परखने के बाद ही हो। अगर कोई दोषी मिलता है तो उन्हें गुरेज नहीं कि सजा उम्र कैद की ही क्यों न हो लेकिन फैसला एक तय समय के भीतर दिया जाए। पश्चिम बंगाल की सीएम का कहना था कि अगर किसी ने गलत किया है तो उसे सजा दी जानी चाहिए। लेकिन बेवजह उसे जेल के भीतर कैद करके न रखा जाए। गुण दोषों के आधार पर अदालत त्वरित फैसला करके सजा दे या फिर संबंधित व्यक्ति को बरी करके मानसिक उत्पीड़न से बचाए।

पार्थ चटर्जी के मामले में ममता बनर्जी अभी तक चुप ही थीं। उनकी तरफ से इस मामले में कोई बयान नहीं आया था। शिक्षक भर्ती घोटाले में फंसे पार्थ चटर्जी ने गिरफ्तारी के बाद चार बार ममता बनर्जी को फोन लगाया पर ममता ने उनके फोन का जवाब देने में भी कोई रुचि नहीं दिखाई। वो उन्हें नजरंदाज करती रहीं। ममता को लगता है कि सारे मामले का असर तृणमूल पर पड़ रहा है।

उधर पार्थ चटर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक एयर एम्बुलेंस के जरिए भुवनेश्वर ले जाया गया। अदालत ने रविवार को ईडी को निर्देश दिया था कि वो चटर्जी को सोमवार सुबह एयर एम्बुलेंस से भुवनेश्वर एम्स ले जाए। शनिवार को गिरफ्तारी के बाद ही मंत्री की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर उन्हें वहीं के एसएसकेएम अस्पताल में रेफर कर दिया गया था।

शिक्षक भर्ती घोटाले में कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश के तहत सीबीआई अनियमितताओं की जांच कर रही है। ईडी मनी लांड्रिंग की पड़ताल कर रही है। ईडी ने पार्थ की नजदीकी रहीं अर्पिता मुखर्जी के घर पर छापेमारी कर करीब 20 करोड़ रुपये बरामद किए थे। उसके बाद मंत्री के गिरेबां तक हाथ पहुंचे।

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