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रोज वैली चिट फंड घोटाला, सीबीआई गिरफ्त में तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय

सुदीप बंद्योपाध्याय ने मोदी सरकार पर अपने और तृणमुल कांग्रेस पार्टी के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

Author कोलकाता | January 3, 2017 7:01 PM
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता मुख्रजी (बाएं) तृणमूल कांग्रेस के सांंसद सुदीप (दाएं)।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने रोजवैली चिटफंड घोटाले के सिलसिले में मंगलवार (3 जनवरी) को तृणमूल कांग्रेस सांसद और लोकसभा में पार्टी के नेता सुदीप बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया। वे इस मामले में तापस पाल के बाद गिरफ्तार होने वाले दूसरे तृणमूल सांसद हैं। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार देते हुए इसके खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। सुदीप की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ममता ने पार्टी के तमाम सांसदों की आपात बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहें तो हम सबको गिरफ्तार कर सकते हैं। लेकिन नोटबंदी के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा। ममता ने कहा कि आम लोग केंद्र को सबक सिखा देंगे।

उन्होंने कहा कि हम केंद्र की इस कार्रवाई का कानूनी तौर पर मुकाबला करेंगे। यहां सीबीआइ दफ्तर में चार घंटे तक पूछताछ के दौरान सुदीप के बयान में विसंगति होने की वजह से सीबीआइ ने उनको गिरफ्तार करने का फैसला किया। उनको मंगलवार रात ही भुवनेश्वर ले जाया गया है जहां सांसद तापस पाल के सामने बिठा कर उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी। इससे पहले सीबीआइ ने तीन बार सुदीप को समन भेजा था। लेकिन वे इसे टालते रहे। आखिर आज सुबह वे सीबीआइ के दफ्तर पहुंचे। बीते 30 दिसंबर को सांसद तापस पाल की गिरफ्तारी के बाद सुदीप के भी गिरफ्तार होने का अंदेशा जताया जा रहा था। तापस पाल फिलहाल हिरासत में हैं।

सुदीप ने भी पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर अपने और अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि सुदीप पहले तो कई सवालों के जवाब टालते रहे। कई सवालों पर सांसद का कहना था कि उनको ठीक से याद नहीं है। शुरू से आखिर तक उनका बयान विसंगितयों से भरा था। इसी वजह से उनको गिरफ्तार करने का फैसला किया गया। सीबीआइ के एक अधिकारी ने बताया कि तापस पाल ने अपने बयान में सुदीप की भूमिका के बारे में कई अहम खुलासे किए थे। लेकिन सुदीप उस बारे में पूछे गए सवालों से कन्नी काटते रहे। अब उन दोनों को आनमे-सामने बिठा कर पूछताछ की जाएगी। रोजवैली का चिटफंड का धंधा बंगाल से पड़ोसी ओडीशा तक फैला था। सीबीआइ ने अपने आरोपपत्र में कंपनी पर निवेशकों से 17 हजार करोड़ रुपए उगाहने का आरोप लगाया है। इसमें से साढ़े चार सौ करोड़ रुपए अकेले ओडीशा से उगाहे गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी रोजवैली के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। उसने हाल में कंपनी की 1250 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की है।

चिट फंड स्कैम में टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय गिरफ्तार:

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