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कभी ममता की बेहद नजदीकी थी यह महिला पुलिस अफसर, आज है मोस्ट वॉन्टेड, देश भर में तलाश

पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्से में कई रेड हुई। इसमें घोष का आवास पर भी छापेमारी की गई, उनके नजदीकी बताए जाने वाले पुलिस अधिकारी के आवास पर छापेमारी हुई। सीआईडी का आरोप है कि उन्हें इस दौरान करीब 300 करोड़ रुपए की जमीन के खरीद-फरोख्त के असली दस्तावेज मिले।

हाल के दिनों में एसपी पद से रिटायर हुईं भारती घोष। (इंडियन एक्सप्रेस फोटो)

पश्चिम बंगाल की सीआईडी इन दिनों कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली पूर्व एसपी और पदोन्नत आईपीएस अधिकारी की धड़पकड़ के लिए देशभर में छापेमारी कर रही है। पूर्व एसपी भारती घोष पर अपनी कथित संपत्ति की जानकारी नहीं देने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार भारती घोष को लापता घोषित किया है। उनके साथ एक अंगरक्षक कांस्टेबल के होने की भी बात कही गई है। घोष की खोजबीन के लिए उनके पति एमएपी राजू से भी उनके ठिकानों की जानकारी के लिए पूछताछ की गई है। वहीं घोष ने ऑडियो के जरिए मीडिया से अपनी बात कही है। उन्होंने सीआईडी की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

9 फरवरी को भारती घोष के साथ कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज के एक सीनियर अधिकारी राजू के खिलाफ भी सर्च वारंट किया गया है। हालांकि उन्हें 15 मार्च तक अंतरिम बेल दी गई है। मामले में दोनों विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस ने सीबीआई से जांच की मांग की है। दोनों पार्टियों का ममता सरकार पर आरोप है कि पूर्व एसपी को साल 2011 में मारे गए सीनियर माओवादी नेता किशनजी उर्फ कोटेश्वर राव की मौत के बारे में कुछ अहम जानकारियां हासिल हुई थी। 56 वर्षीय पूर्व पूलिस अधिकारी की पोस्टिंग माओ प्रभावित मिदनापुर में की गई थी।

सीआईडी के डीआईजी (ऑपरेशन इंचार्ज) निशांत परवेज ने कहा, ‘सबकुछ कानून के मुताबिक किया जा रहा है। घोष कहती हैं कि उन्होंने अपनी सभी संपत्तियों का ब्योरा दिया है। यह सब हम कोर्ट में देखेंगे। हमने करोड़ों रुपए जब्त किए हैं, जिनकी जानकारी नहीं दी गई थी।’ दरअसल घोष से जुड़ा यह मामला इस साल एक फरवरी को प्रकाश में आया था। जब एक रेस्तरां के मालिक चंदन माझी ने अवैध वसूली और पुलिस के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसपर कोर्ट ने सीआईडी को मामले में जांच के आदेश दिए। दो फरवरी को सीआईडी ने राजू के घर रेड मारी।

तब एक शिकायत सब इंस्पेक्टर प्रदीप रथ, एसआई देभआशिष दास, कांस्टेबल संजय महोतो और एक गोल्ड व्यापारी बिमल के खिलाफ दर्ज की गई। माझी का आरोप है कि उसने 375 ग्राम सोने की जूलरी एक पुलिसकर्मी को उस कथित स्कीम के तहत बेची थी जिसमें सोने के बदले पुराने नोट दिए जा रहे थे। आरोप है कि उसे अभी तक रकम नहीं दी गई। 7 फरवरी को पुलिस ने एक अन्य एफआईआर दर्ज की। इसमें भारती घोष, उत्तरी 24 परगना के युनुस अली मंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। घोष के खिलाफ उसी कोर्ट में एफआईआर दर्ज हुई जिसमें अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हुए।

इसके बाद पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्से में कई रेड हुई। इसमें घोष का आवास पर भी छापेमारी की गई, उनके नजदीकी बताए जाने वाले पुलिस अधिकारी के आवास पर छापेमारी हुई। सीआईडी का आरोप है कि उन्हें इस दौरान करीब 300 करोड़ रुपए की जमीन के खरीद-फरोख्त के असली दस्तावेज मिले। पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, गोल्ड जूलरी, टेबलेट्स और 57 सीलबंद विस्की भी सीज की गईं। रिपोर्ट के अनुसार घोष के लॉकर से करीब 1.1 किलो सोने की जूलरी बरामद की गई।

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