नेताजी की गोपनीय फाइलों पर राजनीति न करें ममता: भाजपा - Jansatta
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नेताजी की गोपनीय फाइलों पर राजनीति न करें ममता: भाजपा

नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी 64 फाइलें सार्वजनिक किए जाने के बाद भाजपा ने कहा कि रहस्यमय हालात में नेताजी के लापता होने के मुद्दे पर केंद्र भी गंभीर है और इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राजनीति...

Author कोलकाता | September 19, 2015 1:45 PM
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया, ‘‘हम राज्य सरकार से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने का आग्रह करते हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी 64 फाइलें सार्वजनिक किए जाने के बाद भाजपा ने कहा कि रहस्यमय हालात में नेताजी के लापता होने के मुद्दे पर केंद्र भी गंभीर है और इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राजनीति नहीं करनी चाहिए।

भाजपा ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने जिन फाइलों को गोपनीय सूची से बाहर किया है, उनका संभवत: कोई अंतरराष्ट्रीय प्रभाव नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एम. जे. अकबर ने कहा, ‘‘इस मामले में कोई दूसरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जितना अग्र-सक्रिय नहीं रहा। वह बोस परिवार से मिले और मामले की जटिलता का परीक्षण करने के लिए समिति का गठन किया। हमें विश्वास है कि इस मामले में जो कुछ भी करने की जरूरत है, वह राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए करेंगे।’’

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया, ‘‘हम राज्य सरकार से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने का आग्रह करते हैं। जिन फाइलों को राज्य में गोपनीय सूची से बाहर किया गया है, उनका संभवत: कोई अंतरराष्ट्रीय प्रभाव नहीं है। लेकिन केन्द्र के पास जो फाइलें है, उनका दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों पर प्रभाव पड़ सकता है।’’

पश्चिम बंगाल सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार को एक विशिष्ट अवधि के बाद सभी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किए जाने को लेकर एक नीति बनानी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने बताया, ‘‘हमारा भी यह मानना है कि केंद्र सरकार को नेताजी की फाइलें सार्वजनिक करनी चाहिए। केंद्र को एक ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे एक विशिष्ट अवधि के बाद गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया जा सके। यह 20 साल, 30 साल या 40 साल हो सकता है।’’

कांगेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि नेताजी की फाइलें सार्वजनिक करने के मुद्दे पर भाजपा का बहुत बहुत स्वागत है। स्वयं नेताजी द्वारा गठित किए गए ऑल इंडिया फॉरवार्ड ब्लॉक (एआईएफबी) ने फाइलों को गोपनीय सूची से हटाने का स्वागत किया और केन्द्र से इसी नक्शे कदम पर चलते हुए उसके पास मौजूद 135 फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की।

एआईएफबी के महासचिव देबब्रत बिस्वास ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार की इस दलील में कोई दम नहीं है कि नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने पर कुछ देशों के साथ देश के संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।’’
नेताजी पर फाइलों को सार्वजनिक करने का यह पूरा मामला माकपा को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की मिली-भगत नजर आ रही है।

माकपा पोलितब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा, ‘‘फाइलों को गोपनीय सूची से हटाने के मामले में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की मिली-भगत है। भाजपा नेहरू-गांधी परिवार को गिराना चाहती है। नेहरू के साथ हमारे भी मतभेद थे। भाजपा अब केन्द्र के पास मौजूद फाइलों को सार्वजनिक करने से पहले चीजों को भांप लेना चाहती है।’’

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