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पश्चिम बंगालः खतरे को न्योता दे रहे हैं कोलकाता के कई पुल

रखरखाव और समुचित मरम्मत के अभाव में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कई फ्लाईओवरों पर खतरा मंडरा रहा है।

रखरखाव और समुचित मरम्मत के अभाव में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कई फ्लाईओवरों पर खतरा मंडरा रहा है। बीते सप्ताह तीन दिनों के भीतर दो हादसों के बाद अब सरकार की कुंभकर्णी नींद टूटी है और हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही अब दूसरे फ्लाईओवरों के स्वास्थ्य की जांच भी शुरू हो गई है। माझेरहाट फ्लाईओवर हादसे में मौत तो तीन ही हुर्इं, लेकिन इसका दूरगामी असर नजर आने लगा है। इससे महानगर के दक्षिणी हिस्से में रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम हो रहा है और दुर्गापूजा से पहले आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस हादसे पर सरकार और मेट्रो रेलवे के बीच भी ठन गई है। अब उक्त हादसे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माना है कि महानगर के विभिन्न हिस्सों में स्थित 20 फ्लाईओवर अपनी उम्र पार कर चुके हैं।

कोलकाता में एक और फ्लाईओवर के ढहने से साफ है कि राज्य सरकार ने अतीत की गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा है। इससे ऐसे फ्लाईओवरों की मरम्मत व रखरखाव में संबंधित विभागों की लापरवाही भी सामने आई है। अब इसका ठीकरा एक-दूसरे के माथे फोड़ने का खेल शुरू हो गया है। लगभग ढाई साल पहले विवेकानंद फ्लाईओवर ढहने से 24 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। लेकिन उस मामले में अब तक दोषियों को सजा मिलना तो दूर, आरोप तक तय नहीं हो सका है। इसी तरह उस फ्लाईओवर के बाकी हिस्से के बारे में फैसला करने के लिए सरकार ने आइआइटी, खड़गपुर के विश्षज्ञों की जो समिति बनाई थी उसकी रिपोर्ट भी नौ महीने से ठंडे बस्ते में पड़ी है। फ्लाईओवर का बाकी हिस्सा कभी भी ढह कर एक बड़े हादसे को जन्म दे सकता है। छह साल में यहां तीन फ्लाईओवर हादसे हो चुके हैं।

सरकार ने माझेरहाट हादसे की जांच के लिए मुख्य सचिव मलय दे की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बना दी है। ममता ने माना है कि यह हादसा लापरवाही की वजह से ही हुआ है। उन्होंने कहा है कि जांच के बाद अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे, मुख्यमंत्री ने ढाई साल पहले बड़ाबाजार इलाके में निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर ढहने के बाद भी ऐसी ही बातें कहीं थीं। लेकिन हकीकत यह है कि अब तक उस मामले में दोषियों को सजा मिलना तो दूर, उनके खिलाफ आरोप तक तय नहीं हो सका है।

31 मार्च, 2016 को हुए इस हादसे के सिलसिले में पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन तमाम अभियुक्त जमानत पर बाहर हैं। उस मामले के सरकारी वकील तमाल मुखर्जी बताते हैं, आरोपपत्र दायर हो चुका है। हमें मामले की सुनवाई शुरू होने का इंतजार है। उस हादसे के बाद सरकार ने दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई और कड़ी सजा देने का भरोसा दिया था। लेकिन तमाम सबूतों के होने के बावजूद अब तक इस मामले की सुनवाई शुरू नहीं होने से सभी हैरत में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सजा का डर नहीं होने से ही आने वाले दिनों में ऐसे हादसों पर अंकुश लगाना मुश्किल साबित हो रहा है। इस पुल हादसे पर सियासत भी गरमाने लगी है। ममता बनर्जी ने हादसे पर अपनी सरकार का बचाव करते हुए जम्मू-कश्मीर के हालात और वाराणसी में फ्लाईओवर गिरने का हवाला दिया। विपक्ष की आलोचनाओं से नाराज मुख्यमंत्री ने फ्लाईओवर हादसे पर सवाल उठाने वालों को बंगाल विरोधी करार दिया है। उनका सवाल है कि जम्मू-कश्मीर में रोज किसी न किसी को मौत को घाट उतारा जा रहा है, वहां के हालात पर कोई क्यों बात नहीं करता?

ममता ने एक उच्चस्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा के बाद कहा है कि महानगर कोलकाता और हावड़ा में लगभग 20 ऐसे फ्लाईओवर हैं जो कमजोर और असुरक्षित हैं। उनकी उम्र पूरी हो चुकी है। सरकार ने ऐसे फ्लाईओवरों पर 10 और 20 पहियों वाले ट्रकों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने का एलान किया है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि पास ही चल रही मेट्रो रेलवे परियोजना के कारण भी माझेरहाट फ्लाईओवर को नुकसान पहुंचा था। हालांकि रेलवे ने इसका खंडन किया है। इसके बावजूद सरकार ने वहां मेट्रो के कामकाज पर पाबंदी लगा दी है।

राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि किसी हादसे की स्थिति में कुछ दिनों तक तमाम सरकारी तंत्र सक्रिय रहता है। लेकिन उसके बाद सबकुछ जस का तस हो जाता है। पुराने फ्लाईओवरों की बेहतर रखरखाव और मरम्मत नहीं होने की स्थिति में लगातार बढ़ते ट्रैफिक का बोझ निकट भविष्य में ऐसे कई हादसों को जन्म दे सकता है। और हर बार जान-माल का नुकसान कम ही होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

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