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रामनवमी: बीजेपी, आरएसएस वालों ने पूरे बंगाल में हथियारों के साथ निकाला जुलूस, ममता बनर्जी बोलीं- दूसरों को भड़काओ मत

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंगलवार (चार अप्रैल) को कहा था, "भगवान राम के पास तीर-धनुष होता था। तो उनकी पूजा खाली हाथ कैसे हो सकती है?

Author April 6, 2017 11:18 AM
दक्षिणी कोलकाता में बुधवार (पांच मार्च) को रामनवमी रैली निकालते भाजपा कार्यकर्ता। (Source: Express photo by Partha Paul)

पश्चिम बंगाल की सत्ता सीढ़ियां चढ़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शायद “राम भरोसे” ही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार (पांच अप्रैल) को जिस तरह भगवा बाना, तलवार और ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करते हुए बाइक रैलियां निकाली उससे तो यही लगता है। प्रदेश में राम नवमी पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा समर्थित 150 से ज्यादा रैलियां निकाली गईं। भाजपा का कहना है कि उसने ये रैलियां पार्टी की हिंदुत्व की बुनियादी विचारधारा को मजबूत बनाने के लिए निकालीं। वहीं राज्य सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मानना है कि भाजपा लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहती है।

इनमें से कई रैलियां ऐसे जिलों में आयोजित की गई थीं जहां सांप्रदायिक तनाव का इतिहास रहा है। राजधानी कोलकाता में ही कम से कम 22 ऐसी रैलियां निकाली गईं। पुलिस इन रैलियों को लेकर आशंकित थी फिर भी किसी तरह की हिंसा की घटना की शिकायत नहीं आई है।  रैली में शामिल युवा हाथों में तलवार, चाकू और डंडे इत्यादि लिए हुए थे। ये युवक “जय श्री राम”, “जय बजरंग बली” और  “हर हर महादेव” के नारे लगा रहे थे।

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कुछ जगहों पर पोस्टर देखे गए जिन पर अयोध्या में राम मंदिर बनाने की कसम खाने की बात लिखी थी। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधान सभा क्षेत्र भवानीपुर के चक्रबेरिया में भाजपा समर्थक सुबह नौ बजे ही इकट्ठा हो गए। उनके हाथों में हथियार भी थे। भाजपा समर्थक अवीक चक्रबर्ती ने कहा, “राम के पास हमेशा हथियार होता है। बगैर हथियार के राम नवमी कैसी?

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंगलवार (चार अप्रैल) को कहा था, “भगवान राम के पास तीर-धनुष होता था। तो उनकी पूजा खाली हाथ कैसे हो सकती है? जब मोहर्रम मनाया जाता है तो लोग ध्रुवीकरण की बात नहीं करते। जब ईद और क्रिसमस मनाया जाता है तो ध्रुवीकरण की बात नहीं होती लेकिन राम नवमी मनाने पर कहते हैं कि ध्रुवीकरण हो रहा है। अगर राम नवमी से ध्रुवीकरण होता है तो होने दीजिए। हम इसे मनाएंगे।”

राज्य के दुर्गापर में आरएसएस की दुर्गा वाहिनी से जुड़ी दर्जनों लड़कियों और महिलाओं ने हथियारों के संग रैली निकाली। खड़गपुर, इस्लामपुर और कोलकाता में रैलियों में शामिल होने वालों की संख्या अच्छी तादाद में थी। हालांकि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा के ये राम प्रेम नया ही है। कुछ राजनीतिक जानकार प्रदेश में पिछले कुछ सालों में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं को इस प्रेम का प्रेरक मान रहे हैं।

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