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बीजेपी का आरोप- ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं ने डाली मोदी के कार्यक्रम में बाधा

बीजेपी लीडर ने कहा कि पूरे प्रकरण के पीछे टीएमसी कार्यकर्ता थे। वो नहीं चाहते की कार्यक्रम हो।

west bengal bjpऐसा पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी कार्यक्रम में बाधा डाली गई हो। इससे पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण को पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में सुनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। (ANI Photo)

कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं को संबोधन रोकने पर विवाद पैदा हो गया है। एक्ट्रेस से भाजपा नेता बनी लोकेट चटर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर जबरन कार्यक्रम रोकने का आरोप लगाया है। चटर्जी ने आरोप लगाया कि राजधानी के भवानीपुर इलाके में भाजपा ने स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसे जबरन रोक दिया गया। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक बीजेपी लीडर ने कहा कि पूरे प्रकरण के पीछे टीएमसी कार्यकर्ता थे। वो नहीं चाहते की कार्यक्रम हो। खबर लिखे जाने तक टीएमसी ने मामले में अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बता दें कि पीएम मोदी, नरेंद्र मोदी (NaMo) एप पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में काम रहीं महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप के सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देना था। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पीएम मोदी ने महिलाओं से कहा कि ‘आज आप किसी भी सेक्टर को देख लीजिए। हर क्षेत्र में महिलाएं बड़ी संख्या में वहां काम कर रही हैं। महिलाओं के योगदान के बिना कृषि और डेयरी क्षेत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती।’ जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जिन संगठनों ने पीएम मोदी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम में भाग लिया उनमें सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट (RSETI) के अलावा दीनदयाल अंत्योदय योजना- नेशलन रूरल लाइवहुड मिशन (DAY-NRLM), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) भी शामिल थे।

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी कार्यक्रम में बाधा डाली गई हो। इससे पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण को पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में सुनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बाद में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (UGC) ने मामले में दखल दिया और राज्य के विश्वविद्यालयों के अलावा उच्च शिक्षण संस्थान को एक पत्र के जरिए पीएम का भाषण सुनाने की व्यवस्था करने को कहा। इसपर राज्य के शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी ने केंद्र पर उसके आदेश को जबरन थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षा प्रणाली को भगवा करने की कोशिश की जा रही है। मैंने कभी ऐसा तुगलकी फैसला नहीं देखा।’

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