cm mamta banerjee reacted on supreme court verdict on singur against tata said, i can die in peace - Jansatta
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सिंगूर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा- अब मैं चैन से मर सकती हूं

अदालत ने कहा है कि किसानों से ली गई जमीन को एक कार प्‍लांट के लिए देना ‘सार्वजनिक उद्देश्‍य’ की परिधि में नहीं आता।

Author कोलकाता | August 31, 2016 6:00 PM
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल फोटो(तस्वीर-एक्सप्रेस)

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में नैनो कार बनाने के लिए टाटा द्वारा ली गई किसानों की जमीन वापस करने आदेश दिया। 2006 में बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली सीपीएम सरकार ने टाटा को कारखाना लगाने के लिए ये जमीनें दी थीं। अदालत के फैसले के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों को जारी एक बयान में कहा कि 10 साल बाद मिली इस बड़ी जीत के बाद वो चैन से मर सकती हैं। ममता ने बयान में कहा, “मैं उन लोगों को याद कर रही हूं जिन्होंने इसके लिए बलिदान दिया। पश्चिम बंगाल राज्य का नाम बदलने के बाद हमें ये यादगार जीत मिली है। मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं।”

शीर्ष अदालत का यह फैसला ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। टीएमसी ने टाटा फैक्‍ट्री के लिए जमीन दिए जाने के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्‍व किया था। ममता ने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं इस सिंगूर उत्सव में हर कोई शामिल होगा। ये एक तरह से दुर्गा पूजा की शुरुआत करने जैसा है। मैं लंबे समय से सिंगूर के लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसला का ख्वाब देख रही थी। अब मैं चैन से मर सकती हूं।”

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अधिग्रहण ”सार्वजनिक उद्देश्‍य’ के लिए नहीं किया गया था, इसलिए 12 हफ्तों के भीतर किसानों को उनकी जमीन वापस लौटा दी जानी चाहिए। जिन किसानों को सरकार की तरफ से मुआवजा मिल चुका है, वे मुआवजा वापस नहीं लौटाएंगे क्‍योंकि पिछले 10 साल से उनके पास आजीविका का कोई स्रोत नहीं था।

कलकत्‍ता हाईकोर्ट के अधिग्रहण जारी रखने के निर्णय को पलटते हुए, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फैसला दिया कि अधिग्रहण कई आधार पर कानून के मुताबिक नहीं था। अदालत ने यह भी कहा कि किसानों से ली गई जमीन को एक कार प्‍लांट के लिए देना ‘सार्वजनिक उद्देश्‍य’ की परिधि में नहीं आता। कानून को चुनौती देते हुए टाटा मोटर्स ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जमीन के अधिग्रहण को ट्रायल कोर्ट ने सही ठहराया था और तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा पास किए गए कानून को अपील के बाद असंवैधानिक करार दे दिया गया था। विवाद मचने के बाद, टाटा ने 2008 में अपनी नैनो फैक्‍ट्री को कहीं और लगाने की प्रक्रिया शुरू की।‍ जिसके बाद गुजरात के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राज्‍य में फैक्‍ट्री लगाने का न्‍योता दिया। अब नैनो कार गुजरात के सानंद में बनती हैं।

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