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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में 73 फीसद मतदान, हिंसा में 18 लोगों की मौत, 50 घायल

राज्य में सोमवार को हुए पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए।

Author कोलकाता | May 15, 2018 7:07 AM
नदिया जिले के शांतिपुर में बूथ कैप्चर करने का प्रयास कर रहे एक कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थक की नाराज भीड़ की पिटाई से मौत हो गई।

राज्य में सोमवार को हुए पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए। ये मौतें पश्चिम बंगाल के आठ जिलों में हुई हैं। हालांकि, चुनावों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बावजूद उत्तर व दक्षिण 24-परगना, मुर्शिदाबाद, नदिया, पूर्व मेदिनीपुर, बांकुड़ा और दक्षिण दिनाजपुर जिलों के विभिन्न इलाकों में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान विभिन्न स्थानों से मतदान केंद्रों में तोड़-फोड़, उन पर कब्जा करने और मतपेटियां लूटने की भी सैकड़ों शिकायतें मिली हैं। चुनाव में औसतन 73 फीसद मतदान हुआ।

मालदा जिले में एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के पथराव में रतुआ थाने के ओसी देवब्रत चक्रवर्ती भी घायल हो गए। मरने वालों में तृणमूल कांग्रेस, माकपा व भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हैं। अलीपुरदुआर में चुनाव कवर कर रहे पांच पत्रकार भी जख्मी हुए हैं। राज्य के आठ जिलों में हुई हिंसा में कूचबिहार जिले में एक प्रौढ़ की मौत, नंदीग्राम में 2 माकपा कर्मी की मौत, उत्तर दिनाजपुर जिले बाकी पेज 8 पर में एक तृणमूल कर्मी की मौत के अलावा नदिया और आमडांगा इलाके में भारी हिंसा हुई है। इस हिंसा को लेकर प्रदेश भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शाम को राजभवन में राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर उनसे शिकायत भी की। हिंसा को लेकर विपक्षी माकपा और कांग्रेस ने भी रोष प्रकट किया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने पंचायत चुनावों को तमाशा बना दिया है। माकपा के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इन तमाम आरोपों को निराधार व मनगढ़ंत करार दिया है। पार्टी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि दो-एक छिटपुट घटनाएं हुई हैं और प्रशासन तमाम मामलों में जरूरी कदम उठा रहा है।
मृतकों में दक्षिण 24-परगना जिले के एक माकपा नेता और उसकी पत्नी भी शामिल हैं। इस दंपत्ति को रविवार देर रात उनके घर में ही कथित रूप से जला कर मार दिया गया। उसके परिजनों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने बीती रात घर में आग लगा दी। सुंदरवनन तटीय पुलिस जिले के एसपी तथागत बसु ने इस दंपत्ति के आग से जलकर मरने की पुष्टि की है। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक और मंत्री मंटू पाखिरा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि आग शायद शार्ट सर्किट से लगी हो।

नदिया जिले के शांतिपुर में बूथ कैप्चर करने का प्रयास कर रहे एक कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थक की नाराज भीड़ की पिटाई से मौत हो गई। नदिया के ही नक्काशीपाड़ा में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत हो गई। दक्षिण 24-परगना जिले के कुलतली में कथित एसयूसीआई कार्यकर्ताओं की फायरिंग में आरिफ अली गाजी नामक एक तृणमूल कार्यकर्ता की मौत हो गई। मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में कथित तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हमले में तपन मंडल नामक एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई। उत्तर 24-परगना जिले के आमडांगा में बम विस्फोट की घटना में एक माकपा कार्यकर्ता तैमूर गाएन की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।

बांकुड़ा जिले के आदिवासी इलाके में एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता तीरों से हुए हमले में घायल हो गया। उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कूचबिहार में उत्तर बंगाल विकास मंत्री रबींद्रनाथ घोष ने मतदान केंद्र से बाहर एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया। टीवी पर फुटेज के प्रसारण के बावजूद उन्होंने थप्पड़ नहीं मारने का दावा किया है। राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

सूत्रों ने बताया कि बर्दवान में कुछ असामाजिक तत्वों ने एक सरकारी बस में तोड़-फोड़ की और चुनावी ड्यूटी पर जा रहे सरकारी कर्मचारियों पर हमला किया। दक्षिण 24-परगना जिले के भांगड़ इलाके में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अराबुल इस्लाम के समर्थकों ने एक मतदान केंद्र में तोड़फोड़ की। वहां हुई हिंसा में कुछ पत्रकार भी घायल हो गए। दो दिन पहले इलाके में हुई एक हत्या के मामले में अराबुल को गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे उसके समर्थकों में भारी नाराजगी है।

गृह मंत्रालय ने हिंसा को लेकर रिपोर्ट मांगी

केंद्र ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार से पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्रालय ने जानना चाहा है कि हिंसा की वजहें क्या रहीं, रोकने के लिए क्या किया गया और हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए क्या कदम उठाए गए। चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली में कहा कि यह बेहद निंदनीय है।

घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि जहां हिंसा हुई, वहां विपक्षी भाजपा और माकपा के कार्यकर्ताओं ने उकसाया।

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