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कोलकाता: 500, 1000 के नोटों के टुकड़े-टुकड़े किए, बोरी में भरकर कूड़े में फेंका

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को 500 और 1000 रुपए के नोटों के दो बोरे डस्टबिन में पड़े मिले। पुलिस के मुताबिक नोटों को कूड़े में फेंकने से पहले उन्हें फाड़ा गया है।
Author कोलकाता | November 14, 2016 13:08 pm
कोलकाता में कूडेदान में फेंके गए नोट। (ANI Photo)

मोदी सरकार के बड़े नोटों पर बैन लगाने के बाद से अलग-अलग जगहों पर नोटों को नष्ट करने की खबरें आ रही हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को 500 और 1000 रुपए के नोटों के दो बोरे डस्टबिन में पड़े मिले। पुलिस के मुताबिक नोटों को कूड़े में फेंकने से पहले उन्हें फाड़ा गया है। गोल्फ क्लब रोड पर स्थित कूड़ा घर में यह नोट फेंके गए थे। रविवार को सुबह स्थानीय लोगों के देखने के बाद यह मामला सामने आया। मौके पर पहुंची पुलिस ने नोटों की जांच के बाद बताया कि सभी नोट असली हैं और उम्मीद जताई है कि इन्हें शनिवार रात को फेंका गया होगा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये नोट किसके हैं और इन्हें किस लिए कूड़े के ढेर में फेंका गया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

शुक्रवार को यूपी के मिर्जापुर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां गंगा नदी में हजार के नोट पानी में बहते हुए पाए गए थे। गंगा नदी में तैरते हुए नोटों की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने नोट देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इससे पहले यूपी के बरेली में 500 और 1000 रुपए के जले हुए नोट पाए गए थे। कथित तौर पर एक कंपनी के कर्मचारी बोरियों में भरकर नोटों को लाए और उसके बाद उन्हें जलाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया, करेंसी नोटों को पहले फाड़ा गया, नष्ट करने की कोशिश की गई और फिर आग लगा दी गई। वहीं एक अन्य घटना में मुंबई की एक कार में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपए भरे मिले हैं।

गंगाजी में कोई 1 रुपया भी नहीं डालता था अब 500/1000 के नोट बह रहे

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को ब्लैक मनी पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए बड़े नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। ऐलान के दौरान पीएम ने कहा था कि इस फैसले से जनता को थोड़ी से दिक्कत होगी लेकिन आने वाले समय में इसका बड़ा फायदा मिलेगा। जापान यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काला धन रखने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि ब्लैक मनी रखने वाले यह न समझें की 30 दिसंबर के बाद कुछ नहीं होगा। 500-1000 के नोटों का जिक्र करते हुए मोदी बोले, ‘8 नंवबर की रात से 500 और 1000 के नोट बंद हो गए। चोरी का माल निकलना चाहिए या नहीं निकालना चाहिए? पहले गंगाजी में कोई 1 रुपया भी नहीं डालता था अब 500/1000 के नोट बह रहे हैं। यह बहुत बड़ा स्वच्छता अभियान है। किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं है। ऐसा नहीं है कि रातों-रात स्कीम लागू कर दी गई। इससे पहले काले धन को उजागर करने का मौका दिया गया था।’

काले धन पर एक नजर

वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी किए गए 1999 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में मौजूद कुल जीडीपी का 20.7 प्रतिशत पैसा काला धन था। वहीं 2007 में इसका साइज बढ़कर 23.2 प्रतिशत हो गया। कुल 180 देशों में भारत का काला धन है। इसमें से 70 हजार करोड़ रुपए तो सिर्फ स्विस बैंक में ही है। इस बैंक में भारत का सबसे ज्यादा काला धन है। सभी बैंकों में कुल मिलाकर कितना काला धन है इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है। ब्लैक मनी उस धन को कहा जाता है जो गलत तरीके से कमाया जाता है और जिसपर सरकार की कोई निगरानी नहीं होती और उसपर इनकम और बाकी टैक्स नहीं भरे जाते।

वीडियो: “2000 रुपए के नोट सिर्फ बैंक से मिलेंगे, ATM से नहीं”: SBI चैयरमेन

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