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अलग-अलग पार्टियां ज्वॉइन करना PK का ‘काम’- बोले दिलीप घोष, बंगाल में BJP के नए नेतृत्व पर भी कसा तंज

पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार को नया और अनुभवहीन करार दिया है।

Prashant Kishor|Dilip Ghosh|Dilip Ghosh takes dig on Prashant Kishor
दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेतृत्व को नया और अनुभवहीन बताया (Photo Credit- ANI)

प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच पश्चिम बंगाल से बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि अलग-अलग पार्टियां ज्वाइन करना पीके का काम है। दिलीप घोष ने गुरुवार (21 अप्रैल, 2022) को कहा कि प्रशांत किशोर तो टीएमसी, जेडीयू में भी रह चुके हैं, अलग-अलग पार्टियों में शामिल होना उनका काम है।

प्रशांत किशोर अपने करियर में एक रणनीतिकार के रूप में विभिन्न दलों का हिस्सा रह चुके हैं। इसका उल्लेख करते हुए बीजेपी नेता ने कहा, “वह जिस भी पार्टी के लिए काम करते हैं, उन्हें उसकी सदस्यता मिलती है … उनके पास हर पार्टी का सदस्यता का कार्ड होगा, यह कहते हुए कार्ड दिखाएगा कि मैं आपकी ओर से हूं। पार्टी, मुझे आदेश दो।”

सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर शुक्रवार (22 अप्रैल, 2022) को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। किशोर के करीबी सूत्रों ने एएनआई को बताया, “चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर 22 अप्रैल को कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में बातचीत करेंगे। किशोर द्वारा 600 स्लाइड की एक प्रेजेंटेशन तैयार की गई है। जिसे अभी तक किसी ने भी नहीं देखा है।”

बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई में अंतर्कलह को लेकर क्या बोले घोष
बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई में चल रही अंतर्कलह को लेकर भी दिलीप घोष ने बात की। बंगाल बीजेपी के वर्तमान नेतृत्व के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अपने उत्तराधिकारी सुकांत मजूमदार को नया और अनुभवहीन करार दिया। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ लोगों को विश्वास में लेने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा, “जो टीम अभी (पश्चिम बंगाल में) काम कर रही है, वह नई है और उसके पास संगठनात्मक अनुभव का अभाव है। राज्य प्रमुख (सुकांता मजूमदार) भी नए हैं। यह स्वाभाविक है कि राजनीति सीखने में कुछ समय लगेगा … इसमें समय लग रहा है।”

इससे पहले घोष ने कहा था, “सुकांत मजूमदार को हाल ही में जिम्मेदारी दी गई है। वह कम अनुभवी हैं। पार्टी लंबे समय से लड़ रही है और अनुभवी दिग्गज हैं जो इसका हिस्सा थे। उन्हें लड़ाई में इस्तेमाल करने की जरूरत है।” बालीगंज विधानसभा और आसनसोल लोकसभा उपचुनावों में पार्टी की चुनावी हार के बाद भाजपा के बीच राज्य पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने की आवाजें तेज हो गई हैं।

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