ताज़ा खबर
 

ट्रिपल तलाक पर याचिका लगाने वाली इशरत जहां भाजपा में हुई शामिल

शामिल होने के बाद बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष दुर्गावती सिंह ने इशरत जहां के हाथों में पार्टी का झंडा थमाया।

Author Updated: January 1, 2018 11:11 AM
हावड़ा के वार्ड नंबर 17 के बीजेपी दफ्तर में महिला मोर्चा के नेताओं की अगुवाई में शामिल होने के बाद इशरत ने कहा कि इस पार्टी में शामिल होकर उन्हें अच्छा लग रहा है।

सुप्रीम कोर्ट तक तीन तलाक की लड़ाई ले जाने वाली पांच याचिकाकर्ताओं में से एक इशरत जहां शनिवार (30 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल बीजेपी में शामिल हो गईं। हावड़ा के वार्ड नंबर 17 के बीजेपी दफ्तर में महिला मोर्चा के नेताओं की अगुवाई में शामिल होने के बाद इशरत ने कहा कि इस पार्टी में शामिल होकर उन्हें अच्छा लग रहा है। उन्होंने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।  शामिल होने के बाद बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष दुर्गावती सिंह ने इशरत जहां के हाथों में पार्टी का झंडा थमाया। बताया जा रहा है कि लोकसभा में तीन तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह संरक्षण अधिनियम)-2017 विधेयक के पास होने के बाद इशरत ने भगवा पार्टी में शामिल होने का फैसला किया।

पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने इशरत जहां को मिठाई खिलाकर पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया। इससे पहले इशरत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। चटर्जी ने कहा कि इशरत जहां आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं। इसलिए वह केंद्र सरकार से गुजारिश करेंगी कि उन्हें नौकरी दी जाय। चटर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने उन्हें कोई मदद नहीं दी।

बता दें कि तीन तलाक देने को अपराध के दायरे में लाने वाला कानून लोकसभा से पास हो गया है। इससे पहले गुरुवार (28 दिसंबर) को लोकसभा में इस बिल में कुछ संशोधनों को लेकर वोटिंग हुई थी। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी वोटिंग की मांग की थी लेकिन सदस्यों ने उनके संशोधनों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। एक संशोधन पर हुई वोटिंग में तो ओवैसी के पक्ष में सिर्फ 2 वोट पड़े। जबकि, इसके खिलाफ 241 वोट पड़े। दूसरे प्रस्ताव में भी उनके पक्ष में सिर्फ 2 वोट पड़े। वहीं, 242 लोगों ने उनके प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। हालांकि, इससे पहले उनके संशोधन के प्रस्ताव को लोकसभा के सदस्यों ने ध्वनि मत से खारिज कर दिया था। सदन में इससे पहले इस बिल पर विस्तृत चर्चा हुई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories