पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को हुई एक राजनीतिक मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। दरअसल टीएमसी के बागी विधायक संदीपन साहा पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम को नेता विपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष तक ले जाते हुए देखे गए।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुआ जब तृणमूल कांग्रेस में उथल-पुथल जारी है। इससे कुछ दिन पहले फिरहाद ने कोलकाता नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी अपने विधायक दल में बागवत की लहर से जूझ रही है।

विधानसभा की लॉबी में इंतजार करते दिखे फिरहाद

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार सूत्रों ने बताया, फिरहाद हमेशा की तरह विधानसभा पहुंचे और लॉबी में बैठे रहे। तभी टीएमसी के बागी गुट के विधायक संदीपन साहा उनके पास आए और कुछ देर बात की। इसके बाद दोनों साथ-साथ ऋतब्रत बनर्जी के कमरे की ओर चले गए।

ऋतब्रत बनर्जी, पार्टी नेतृत्व की इच्छा के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष चुने गए थे, इससे टीएमसी विधायक दल में विद्रोह का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। हालांकि बैठक में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी, लेकिन दोनों नेताओं के इस मुलाकात ने पार्टी में संभावित नए समीकरणों और पर्दे के पीछे जारी बातचीत की अटकलों को हवा दे दी है।

अहम है यह मुलाकात

राजनीतिक विद्वानों का मानना है कि कुछ हफ्ते पहले तक ऐसी मुलाकात की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, क्योंकि तब तक पार्टी नेतृत्व का विधायक दल पर पूरी तरह कंट्रोल रहता था। यह मुलाकात टीएमसी के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम है।

टीएमसी के एक बागी विधायक ने बताया, “इस मुलाकात के राजनीतिक मायने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मौजूदा हालात में पार्टी में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में हर गतिविधि को देखा जा रहा है।”

फिरहाद हकीम ने कोलकाता महापौर पद छोड़ा

यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि शुक्रवार को कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफा देने के बाद खुद फिरहाद हकीम को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।

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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक महीने पहले सत्ता में थी लेकिन विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद स्थिति ये है कि वो ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है। टीएमसी में दो फाड़ हो गए। 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी द्वारा चुने गए विधायक दल के नेता शोबनदेव चट्टोपाध्याय को अपना नेता मानने से इनकार कर दिया। दावा ये है कि बागवती विधायकों के गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष ने नेता विपक्ष भी स्वीकार कर लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें