पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में संचालित हो रहे अवैध टोल बूथों पर सख्त रुख दिखाया है। राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे अवैध टोल और ड्रॉप गेट्स बंद करने का आदेश दिया है।

पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि राज्य में सरकार की अनुमति के बिना संचालित किए जाने रहे सभी टोल गेट्स, ड्रॉप गेट्स और बैरिकेड्स तुरंत बंद होने चाहि। इस बारे में सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी जिला प्रशासनों से कहा गया है कि वे अपनी सीमा में संचालित हो रहे अवैध टोल सेंटर्स को चिन्हित कर हटाने के लिए जरूरी कदम उठाएं और भविष्य में भी ऐसे अवैध कलेक्शन सेंटर्स के पनपने पर नजर रखें।

15 मई दोपहर 12 बजे तक मांगी लिस्ट

चीफ सेक्रेटरी द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि किसी भी अवैध टोल पॉइंट पर किसी भी तरह की पैसे की वसूली को तुरंत रोका जाना चाहिए। इसके अलावा सभी वैध और अवैध टोल वसूली केंद्रों की एक लिस्ट तैयार करके उसे 15 मई को दोपहर 12 बजे तक अवर सचिव को सौंपने का आदेश दिया गया है। 

बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर का भी आदेश दे चुके हैं शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीएम की कुर्सी संभालते ही सबसे पहले बांग्लादेश से लगी सीमा पर बाड़बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 45 दिन के अंदर पूरी की जाएगी।

उन्होंने राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना और कई अन्य योजनाएं लागू करने की भी घोषणा की। बीते सोमवार को उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने स्कूलों में नौकरी के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के एक प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया जैसा कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था।

यह भी पढ़ें: ‘बांग्लादेश को ‘कंटीले तारों’ से डराया नहीं जा सकता’

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि बांग्लादेश को ‘कंटीले तारों’ से डराया नहीं जा सकता। यह बयान भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने और सीमा सुरक्षा से जुड़े हालिया फैसलों को लेकर आया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें