पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने को कूच बिहार जिले से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी इस शक के आधार पर की गई है कि यह तीनों भारत में रहकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे थे। आधिकारियों ने शनिवार (15 अगस्त 2026) को इस गिरफ्तारी की जानकारी दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक, तीनों आरोपियों को ISI से जुड़ी जासूसी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भी उजागर की गई है। अरेस्ट किए गए संदिग्धों की पहचान रशीदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के तौर पर हुई है।

नकली नोट और नकली सिम स्मगलिंग में थे संल्पित!

जांच करने वालों ने खुलासा किया है कि तीनों आरोपी बंगाल में रहकर ISI एजेंट के तौर पर अंडरकवर काम कर रहे थे। उन पर बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान में मोबाइल फोन के लिए भारतीय सिम कार्ड की स्मगलिंग करने का आरोप है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राज्य पुलिस STF के एक अधिकारी ने कहा कि तीनों कथित तौर पर नकली नोट बनाने में भी शामिल थे। पुलिस कस्टडी में भेजा गया

आरोपियों की गिरफ्तार शुक्रवार को हुई और शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

JeM नेटवर्क के भी संदिग्ध हुए थे गिरफ्तार

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के टेरर ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े एक संदिग्ध ऑपरेटिव हामिद मंडल को 31 जुलाई को बर्धमान से पकड़ा गया था। मंडल की साथी और गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा गया। इस बीच, एक और साथी, आदित्य सिंह उर्फ ​​राजू को हावड़ा में गिरफ्तार किया गया। बाद में चार और अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

हावड़ा से वहाब आलम की हुई थी गिरफ्तारी

पाकिस्तान के फैसलाबाद के रहने वाले राणा रऊफ उर्फ ​​वहाब आलम को 12 अगस्त को खुफिया जानकारी के बाद भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास नॉर्थ 24 परगना जिले के हावड़ा से गिरफ्तार किया गया था। NIA ने पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम के बारे में जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया। यह कदम STF की शुरुआती जांच में आलम के पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के साथ कथित लिंक सामने आने के बाद उठाया गया।

आलम ने जांच में कबूल किया कि वह ISI एजेंट है

NIA ने जांच और अब तक इकट्ठा की गई जानकारी की डिटेल्स लेने के लिए बंगाल STF से संपर्क किया है। STF ने आलम के पास से मिले नेटबुक डेटा को क्रैक करके वहाब आलम के नेपाल में रहने वाले पांच साथियों के नाम हासिल किए। इसके बाद STF अधिकारियों की लंबी पूछताछ के दौरान आलम ने कबूल कर लिया कि वह ISI के लिए काम कर रहा था।

कूच बिहार से हुई नई गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों को इस बात का शक है कि तीनों आरोपियों का लिंक पहले गिरफ्तार हुए लोगों से भी हो सकती है।

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करतार सिंह सराभा का जन्म पंजाब के लुधियाना में 24 मई 1896 को एक जाट सिख किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मंगल सिंह और माता का नाम साहिब कौर था। बचपन में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया था जिसके बाद उनका पालन पोषण उनके दादा ने किया। गांव की पाठशाला में उन्होंने शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद लुधियाना के मालवा खालसा हाई स्कूल में अपनी स्कूलिंग पूरी की। यहां पढ़ें पूरी खबर…